एक क्लिक में खाली हुआ खाता: बैलेंस चेक के बहाने साइबर ठगों ने उड़ाए 95 हजार रुपये
साइबर अपराधियों ने अब ग्रामीण इलाकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियाव गांव में बैलेंस चेक कराने के नाम पर एक व्यक्ति के बैंक खाते से 95 हजार रुपये उड़ा लिए गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया। मामले में स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
__ कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियाव गांव की घटना, मोबाइल कॉल के बाद खाते से रकम गायब; पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
केटी न्यूज/कृष्णाब्रह्म
साइबर अपराधियों ने अब ग्रामीण इलाकों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के अरियाव गांव में बैलेंस चेक कराने के नाम पर एक व्यक्ति के बैंक खाते से 95 हजार रुपये उड़ा लिए गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार में हड़कंप मच गया। मामले में स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।मिली जानकारी के अनुसार अरियाव गांव निवासी हरे कृष्ण प्रसाद के मोबाइल पर आठ मार्च को एक अज्ञात नंबर 9953813909 से कॉल आया। उस समय उनका बेटा मोबाइल चला रहा था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक से जुड़ा बताकर खाते का बैलेंस चेक करने को कहा।

जैसे ही मोबाइल पर बैलेंस देखा गया, खाते से 95 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी सामने आई। रकम कटते ही परिवार के होश उड़ गए।पीड़ित ने बताया कि उनका खाता डुमरांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा में है। खाते से अचानक इतनी बड़ी राशि गायब होने के बाद उन्हें समझ में आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत कृष्णाब्रह्म थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।थाने में दिए आवेदन के आधार पर अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंक खाता, ओटीपी, एटीएम नंबर या बैलेंस संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर फोन करे तो पहले उसकी सत्यता जांच लें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेनदेन की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना से संपर्क करें।ग्रामीण क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब गांवों तक अपनी पहुंच बना चुके हैं और सतर्कता ही इससे बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

