कनझरूआं की घटना अमानवीय, कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा - एसपी
कोरानसराय थाना क्षेत्र के कनझरुआ गांव में शनिवार शाम घटी हृदय विदारक और अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों के बीच हुए मामूली ट्यूशन विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि 44 वर्षीय महिला सुनीता देवी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा सोमवार को बक्सर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने प्रेस वार्ता आयोजित कर किया। इस दौरान डुमरांव एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी मौजूद रहे।

-- बक्सर एसपी शुभम आर्य ने प्रेस वार्ता में किया खुलासा, बच्चों की कहासुनी से भड़की थी रंजिश, जेल भेज गए सभी आरोपित
केटी न्यूज/डुमरांव
कोरानसराय थाना क्षेत्र के कनझरुआ गांव में शनिवार शाम घटी हृदय विदारक और अमानवीय घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बच्चों के बीच हुए मामूली ट्यूशन विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि 44 वर्षीय महिला सुनीता देवी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा सोमवार को बक्सर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने प्रेस वार्ता आयोजित कर किया। इस दौरान डुमरांव एसडीपीओ पोलस्त कुमार भी मौजूद रहे।प्रेस वार्ता में एसपी शुभम आर्य ने बताया कि 4 अप्रैल की शाम करीब 7.30 बजे कनझरुआ गांव में दो पक्षों के बीच पहले से चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।सुनीता देवी अपनी मां और बेटी के साथ गांव के उत्क्रमित उच्च विद्यालय के पास टहलने निकली थीं, तभी घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया।


उन्होंने बताया कि इस मामले की जड़ 1 अप्रैल को बच्चों के बीच ट्यूशन में हुए झगड़े से जुड़ी है। सुनीता देवी के बेटे आकाश कुमार और पड़ोस की लड़की अंशिका के बीच कहासुनी हुई थी। अगले दिन दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ा और तनाव लगातार बना रहा। इसी रंजिश में शनिवार को आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से हमला कर घटना को अंजाम दिया।एसपी ने बताया कि आरोपित कंचन देवी और उसकी बेटियों ने मिलकर सुनीता देवी को घेर लिया और बेरहमी से मारपीट की।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला को जमीन पर गिराकर मुक्के-घूंसे से पीटा गया, बाल खींचे गए और गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। इस हमले में सुनीता देवी की मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 और कोरानसराय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की गई।

एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी कंचन देवी और उसकी बड़ी बेटी अनीता कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं एक नाबालिग को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।एसपी शुभम आर्य ने स्पष्ट कहा कि “कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। इस जघन्य अपराध में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।सुनीता देवी एक मजदूर परिवार से थीं और पांच बच्चों की मां थीं।

उनके पति बीरबहादुर कानू चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करते हैं। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सुनीता ही घर की मुख्य जिम्मेदार थीं और बच्चों की परवरिश से लेकर घर खर्च तक का भार संभालती थीं।बता दें कि घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है। यह वारदात समाज में बढ़ती असहिष्णुता और संवादहीनता की गंभीर तस्वीर पेश करती है, जहां छोटे विवाद भी जानलेवा रूप ले रहे हैं।फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है, लेकिन कनझरुआ की यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ गई है, क्या अब छोटी-छोटी बातों पर रिश्तों के साथ-साथ इंसानियत भी खत्म होती जा रही है?

