मठिला में युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत, फंदे से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

कोरान सराय थाना क्षेत्र के मठिला गांव में गुरुवार की रात हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। गांव के 25 वर्षीय युवक अजीत शर्मा का शव पड़ोसी के अर्द्धनिर्मित घर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद जहां परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव में मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव और सामाजिक अकेलेपन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

मठिला में युवक की संदिग्ध स्थिति में मौत, फंदे से लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

__  घटना ने ग्रामीण समाज में बढ़ते मानसिक दबाव और आर्थिक बोझ पर खड़े किए सवाल

केटी न्यूज/डुमरांव

कोरान सराय थाना क्षेत्र के मठिला गांव में गुरुवार की रात हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। गांव के 25 वर्षीय युवक अजीत शर्मा का शव पड़ोसी के अर्द्धनिर्मित घर में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद जहां परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव में मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव और सामाजिक अकेलेपन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।ग्रामीणों के अनुसार अजीत शर्मा बेहद शांत स्वभाव का युवक था। पिता के निधन के बाद वह अपने परिवार, खासकर वृद्ध मां की जिम्मेदारी संभाल रहा था। गांव में चिराई मशीन चलाकर वह घर का खर्च चलाने की कोशिश कर रहा था।

लेकिन कारोबार को खड़ा करने और मशीन संचालन के लिए लिया गया कर्ज धीरे-धीरे उसके ऊपर मानसिक दबाव बनता चला गया।गांव के लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से अजीत काफी परेशान और चिंतित रहने लगा था। वह अक्सर आर्थिक दिक्कतों को लेकर तनाव में दिखाई देता था, हालांकि उसने कभी खुलकर अपनी परेशानी किसी से साझा नहीं की। यही चुप्पी अब लोगों को भीतर तक बेचैन कर रही है।घटना की सूचना मिलते ही कोरान सराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

इस घटना ने गांव के लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आर्थिक संघर्ष के साथ मानसिक तनाव भी अब ग्रामीण समाज की बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कई ग्रामीणों ने कहा कि जरूरत इस बात की है कि परिवार और समाज ऐसे लोगों की भावनात्मक स्थिति को समय रहते समझे और उन्हें सहारा दे।फिलहाल अजीत की वृद्ध मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है, क्या अजीत को समय रहते कोई संभाल पाता तो शायद यह हादसा टल सकता था।