गर्मी को देखते हुए नगर परिषद ने सभी वार्डों में पेयजल व्यवस्था करने की योजना बनाई
गर्मी से जन जीवन बदहाल चल रहा है। नगर परिषद क्षेत्रों में बहुत से चापाकल खराब पड़े हुए हैं और जलापूति के लिये लगाए गए भूमिगत पाइप भी टूटे हैं, जिससे प्रतिदिन हजारा लीटर पानी तो बर्बाद होता ही है, घरों तक नहीं पहुंच पाता है। इसको लेकर नप इओ राहुलधर दूबे और कनीय अभियंता प्रत्युष कुमार ने सभी वार्ड पार्षदों से खराब पड़े चापाकल और टूटे भूमिगत पाइप के साथ नल की सूची मांगी है।


--वार्ड पार्षदों से खराब चापाकल और जलापूर्ति के टूटे पाइप के संबंध में जानकारी मांगी
केटी न्यूज/डुमरांव।
गर्मी से जन जीवन बदहाल चल रहा है। नगर परिषद क्षेत्रों में बहुत से चापाकल खराब पड़े हुए हैं और जलापूति के लिये लगाए गए भूमिगत पाइप भी टूटे हैं, जिससे प्रतिदिन हजारा लीटर पानी तो बर्बाद होता ही है, घरों तक नहीं पहुंच पाता है। इसको लेकर नप इओ राहुलधर दूबे और कनीय अभियंता प्रत्युष कुमार ने सभी वार्ड पार्षदों से खराब पड़े चापाकल और टूटे भूमिगत पाइप के साथ नल की सूची मांगी है। साथ ही पेयजल के लिये लगाए जाने वाले बोरिंग का स्थल चयन कर भेजने का फरमान भी जारी किया है। नप के द्वारा मांगे गए सारी जानकारियों को 30 वार्ड पार्षदों ने भेज दिया है, शेष के भेजने का इंतजार हो रहा है।

वार्ड पार्षदों के द्वारा बोरिंग लगाने के लिये भेजी गई सूची और स्थल के जांच के लिये नप के द्वारा टीम गठित कर उसकी जानाकरी ली जा रही है। नप जेई का कहना है कि जो स्थल भेजा गया है, ऐसा नहीं की वह विवादित हो। इसलिये उसकी सारी जानकारी सही-सही लेकर अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। वेसे खराब पड़े चापाकल को बनाने में कोई परेशानी नहीं है, इसलिये उसे बनाने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मालूम हो कि डुमरांव नगर सहित विस्तारित क्षेत्र में चार जलमीनारों से शहर में जलापूर्ति की जाती है। इसमें एक-दो ऐसे जलमीनार हैं, जिसमें पानी नहीं भरा जाता है, सीधे बोरिंग से पानी की सप्लाई की जाती है।

वर्तमान में जो मौसम चल रहा है, उसमें लोगों के लिये पेयजल की आवश्यकता है। लोग भटके नहीं इसको लेकर नप एलर्ट मूड में आ गया है। वार्ड पार्षदों के द्वारा जरूरत के अनुसार बोरिंग लगाने के लिये भेजे गए सूची पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नप के द्वारा गठित टीम स्थल का जांच कर क्लीन चिट देगी तभी वहां काम लगेगा। यदि कोई विवादित स्थल पाया जाता है, वहां पर बोरिंग नहीं लगाया जाएगा। नप के द्वारा पेयजल की व्यवस्था दुरूस्त करने की पहल किये जाने से नगरवासियों में काफी खुशी है।

