एनएच-922 पर सब्जी मंडी नहीं, चल रहा मौत को न्योता देने का खेल
बक्सर–पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) पर नया भोजपुर के समीप लगने वाली अव्यवस्थित सब्जी मंडी अब केवल यातायात बाधा नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। जिस राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर रोज़ाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, उसी सड़क के बीचों-बीच सब्जी का बाजार सज रहा है। नतीजा—जाम, अफरातफरी और हर पल मंडराता दुर्घटना का खतरा।
__सड़क के बीच बाजार, आधी लेन पर अतिक्रमण; नया भोजपुर बना ‘एक्सीडेंट कॉरिडोर’
केटी न्यूज/डुमरांव
बक्सर–पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) पर नया भोजपुर के समीप लगने वाली अव्यवस्थित सब्जी मंडी अब केवल यातायात बाधा नहीं, बल्कि आम लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। जिस राष्ट्रीय राजमार्ग से होकर रोज़ाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, उसी सड़क के बीचों-बीच सब्जी का बाजार सज रहा है। नतीजा—जाम, अफरातफरी और हर पल मंडराता दुर्घटना का खतरा।स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 20 फीट चौड़ी सड़क पर लगभग 12 फीट हिस्से पर मंडी का कब्जा हो चुका है। यह अवैध अतिक्रमण लगभग 300 मीटर तक फैला हुआ है, जबकि आसपास के क्षेत्रों में इसे अब ‘हाई रिस्क ज़ोन’ के तौर पर देखा जाने लगा है। सड़क के किनारे ठेले, तिरपाल, सब्जियों के ढेर और ग्राहकों के वाहन मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग को स्थानीय गली में तब्दील कर चुके हैं।

--राष्ट्रीय राजमार्ग पर रोज़ बन रही जाम जैसी स्थिति
सुबह और शाम के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं। सब्जी खरीदने आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़क पर ही खड़े कर दिए जाते हैं। इससे एक लेन पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती है और दूसरी लेन से गुजरने वाले वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है। कई बार तो भारी वाहनों के आमने-सामने आने से लंबा जाम लग जाता है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस अव्यवस्था के कारण स्कूल बस, एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहन भी फंस जाते हैं। लोगों का सवाल है कि अगर किसी आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पाई, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।

--ट्रक चालक बोले—500 मीटर का इलाका बन चुका है दुर्घटना पॉइंट
पटना की ओर जा रहे ट्रक चालक उमेश कांत शुक्ला ने बताया कि एनएच-922 का यह करीब 500 मीटर का हिस्सा अब ‘एक्सीडेंट ज़ोन’ में तब्दील हो चुका है। उन्होंने कहा कि सड़क पर अचानक बाजार दिखने से भारी वाहनों को तत्काल ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे पीछे से आने वाले वाहन टकरा सकते हैं।ट्रक चालक ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडी से महज 500 मीटर की दूरी पर थाना होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। “जब हादसा होगा, तब सब जागेंगे,” उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा।
--कानून की नजर में सीधा अपराध है यह अतिक्रमण
विशेषज्ञों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण सीधे-सीधे कानून का उल्लंघन है। एनएच पर बाजार लगने से न सिर्फ यातायात बाधित होता है, बल्कि वाहन चालकों का ध्यान भी भटकता है। अचानक रुकना, मुड़ना या लेन बदलना दुर्घटनाओं की आशंका को कई गुना बढ़ा देता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण मंडी संचालकों का मनोबल बढ़ा हुआ है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह इलाका किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।

--एसडीएम का सख्त रुख—जब्ती और कार्रवाई तय
इस पूरे मामले पर जब अनुमंडल पदाधिकारी राकेश कुमार से बात की गई, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से सब्जी मंडी का संचालन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।एसडीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क घेरकर व्यापार करना नियमों का उल्लंघन है। मंडी संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध रूप से लगाए गए ठेले, वाहन और सामान जब्त किए जाएंगे।
--प्रशासन से लोगों की मांग—मंडी के लिए वैकल्पिक जगह तय हो
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एनएच-922 को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और सब्जी मंडी के लिए सुरक्षित व वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया जाए। लोगों का कहना है कि व्यापार भी जरूरी है, लेकिन सड़क पर लोगों की जान से खिलवाड़ किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।फिलहाल, नया भोजपुर के पास एनएच-922 पर लगी अव्यवस्थित सब्जी मंडी एक बड़ी चेतावनी बन चुकी है। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।
