बक्सर पुलिस ने 6 घंटे में अपहृत युवक को किया बरामद, सख्त घेराबंदी से टूटा अपराधियों का प्लान

जिले में अपहरण की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर पर्दाफाश कर न केवल युवक को सकुशल बरामद किया, बल्कि अपराधियों के मंसूबों पर भी करारा प्रहार किया। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की त्वरित, सटीक और पेशेवर कार्रवाई ने एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का खुलासा कर दिया है।

बक्सर पुलिस ने 6 घंटे में अपहृत युवक को किया बरामद,  सख्त घेराबंदी से टूटा अपराधियों का प्लान

__ एसपी ने प्रेसवार्ता में किया खुलासा—यूपी ले जाकर फिरौती वसूलने की थी साजिश, तीन गिरफ्तार, बाकी की तलाश तेज

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में अपहरण की एक सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर पर्दाफाश कर न केवल युवक को सकुशल बरामद किया, बल्कि अपराधियों के मंसूबों पर भी करारा प्रहार किया। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस की त्वरित, सटीक और पेशेवर कार्रवाई ने एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का खुलासा कर दिया है।सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि रविवार को भोजपुर जिले के मसाढ़ निवासी रामबाबू यादव ने अपने भतीजे रितेश कुमार उर्फ मनीष कुमार के अपहरण की सूचना दी थी। रितेश शमशान घाट से लौट रहा था, तभी नाथ बाबा मंदिर के पास अज्ञात बदमाशों ने उसे जबरन बाइक पर बैठाकर अगवा कर लिया।

घटना के कुछ ही देर बाद परिजनों के पास फिरौती के लिए फोन कॉल आने से मामला और गंभीर हो गया।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सदर एसडीपीओ गौरव पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तत्परता दिखाते हुए मानवीय सूचना तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। शुरुआती कार्रवाई में औद्योगिक थाना क्षेत्र के गगौरा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। कड़ी पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि उनके अन्य साथी अपहृत युवक को उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी में हैं, जहां उसे बंधक बनाकर फिरौती वसूलने की योजना थी।

इस इनपुट के आधार पर पुलिस ने तत्काल गोलम्बर के पास सघन घेराबंदी कर दी। जैसे ही अपराधियों को पुलिस की मौजूदगी का आभास हुआ, वे घबरा गए और युवक को रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मौके से रितेश को सुरक्षित बरामद कर लिया और उसे परिजनों के हवाले कर दिया।एसपी शुभम आर्य ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस मामले में औद्योगिक थाना क्षेत्र के उपेन्द्र कुमार, अजीत मांझी और धीरेन्द्र राम को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी ने पूछताछ में अपने अपराध को स्वीकार किया है। फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि “अपहरण जैसी गंभीर घटनाओं में पुलिस ने प्रोफेशनल तरीके से त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को सुरक्षित वापस लाना प्राथमिकता बनाई। टीमवर्क और तकनीकी जांच के कारण ही इतनी कम समय में सफलता मिली है।”इस पूरे ऑपरेशन में एसडीपीओ गौरव पाण्डेय, नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, डीआईयू प्रभारी सुधीर कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।नगर थाना में कांड संख्या 185/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जहां आम लोगों में भरोसा बढ़ा है, वहीं अपराधियों में भी दहशत का माहौल कायम हो गया है।