हुनर से बदलेगी तस्वीर, 700 महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता

गांव की चौखट तक सीमित रहने वाली महिलाओं के हुनर को अब रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की पहल रंग ला रही है। डुमरांव प्रखंड के नेनुआ पंचायत से शुरू हुआ प्रशिक्षण अभियान धीरे-धीरे आसपास के गांवों तक पहुंच चुका है। समाजसेवी विंध्याचल पाठक की पत्नी श्वेता पाठक के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से फिलहाल करीब 700 महिलाएं और बच्चियां जुड़कर सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण ले रही हैं।

हुनर से बदलेगी तस्वीर, 700 महिलाओं ने थामा आत्मनिर्भरता का रास्ता

__ श्वेता पाठक की पहल ने गांवों में जगाई नई उम्मीद, सिलाई-कढ़ाई से लेकर ब्यूटीशियन तक का मिल रहा प्रशिक्षण; प्रमाणपत्र के साथ स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी

केटी न्यूज/डुमरांव।

गांव की चौखट तक सीमित रहने वाली महिलाओं के हुनर को अब रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाने की पहल रंग ला रही है। डुमरांव प्रखंड के नेनुआ पंचायत से शुरू हुआ प्रशिक्षण अभियान धीरे-धीरे आसपास के गांवों तक पहुंच चुका है। समाजसेवी विंध्याचल पाठक की पत्नी श्वेता पाठक के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान से फिलहाल करीब 700 महिलाएं और बच्चियां जुड़कर सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण ले रही हैं। पिछले तीन महीनों से संचालित इस अभियान ने ग्रामीण महिलाओं में अपने पैरों पर खड़े होने की नई उम्मीद जगाई है।प्रशिक्षण केंद्रों पर महिलाओं को केवल सिलाई-कढ़ाई की बारीकियां ही नहीं सिखाई जा रही हैं, बल्कि ब्यूटीशियन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। उद्देश्य यह है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार घर से ही छोटा स्वरोजगार शुरू कर सकें। आयोजकों के अनुसार, हुनरमंद होने के बाद महिलाओं के लिए रोजगार के दूसरे अवसरों के दरवाजे भी खुलेंगे।

__ तीज ने प्रशिक्षण केंद्रों में भरा उत्साह

प्रशिक्षण अभियान को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है। तीज पर्व के मौके पर पिछले चार दिनों से अलग-अलग प्रशिक्षण केंद्रों पर विशेष मेहंदी कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुरौंधा पूर्वी टोला और भरखरा के बाद शनिवार को नेनुआ प्रशिक्षण केंद्र पर भी मेहंदी कार्यक्रम हुआ। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवतियों ने इसमें भाग लिया।इस दौरान सुहागिन महिलाओं के बीच मेहंदी, श्रृंगार सामग्री और मिठाइयों का वितरण किया गया। प्रशिक्षण केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल रहा। श्वेता पाठक ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ हुनर सिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

__ प्रमाणपत्र बनेगा हुनर की पहचान

भाजपा नेता विंध्याचल पाठक ने कहा कि इस पहल का मूल उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रशिक्षण पूरा करने वाली प्रतिभागियों को अधिकृत प्रमाणपत्र देने की भी तैयारी है। प्रमाणपत्र मिलने से महिलाओं के हुनर को औपचारिक पहचान मिलेगी और वे स्वरोजगार के साथ विभिन्न संस्थानों में रोजगार के अवसर तलाश सकेंगी।वहीं, श्वेता पाठक ने कहा कि अभियान को पंचायत के अन्य गांवों तक पहुंचाने का प्रयास जारी है। ग्रामीण महिलाओं में प्रतिभा और सीखने की ललक भरपूर है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही अवसर और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की है।कार्यक्रम में ममता मिश्रा, छाया, प्रियंका, विभा, आरती, मधु और सुवि समेत बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां मौजूद रहीं।