समझौते की राह से 1607 विवादों का अंत, 9.81 करोड़ की राशि पर बनी सहमति

न्यायालयों में लंबे समय से चल रहे विवादों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर खत्म करने की पहल शनिवार को बक्सर में व्यापक रूप से सफल रही। वर्ष के तीसरे राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1607 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में पक्षकारों के बीच कुल 9 करोड़ 81 लाख 87 हजार 527 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी।

समझौते की राह से 1607 विवादों का अंत, 9.81 करोड़ की राशि पर बनी सहमति

__ तीसरे राष्ट्रीय लोक अदालत में वर्षों पुराने मामलों को भी मिली मुकम्मल विदाई, 10 बेंचों पर हुई सुनवाई

केटी न्यूज/बक्सर।

न्यायालयों में लंबे समय से चल रहे विवादों को आपसी सहमति और समझौते के आधार पर खत्म करने की पहल शनिवार को बक्सर में व्यापक रूप से सफल रही। वर्ष के तीसरे राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1607 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में पक्षकारों के बीच कुल 9 करोड़ 81 लाख 87 हजार 527 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी। खास बात यह रही कि लोक अदालत में 10 वर्ष से अधिक पुराने 65 मामलों का भी निपटारा कराया गया, जबकि 20 वर्ष से अधिक पुराने आठ मामले भी आपसी सहमति से समाप्त हुए।राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन न्यायिक पदाधिकारियों, जिला प्रशासन और अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस दौरान जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनीष कुमार शुक्ला, जिलाधिकारी  साहिला, पुलिस उपाधीक्षक गौरव पांडे, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बबन ओझा तथा महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडे मौजूद रहे।अपने संबोधन में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय मनीष कुमार शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत एक ही दिन में मामलों के निपटारे का सरल और प्रभावी माध्यम है। वहीं जिलाधिकारी ने कहा कि समझौते के आधार पर विवादों के समाधान से न केवल न्यायालयों पर मुकदमों का बोझ कम होता है, बल्कि पक्षकारों के बीच सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता भी बढ़ती है।

__ बैंकिंग मामलों में भी बड़ी संख्या में समझौते

लोक अदालत में बैंक से जुड़े प्री-लिटिगेशन के 524 मामलों का निष्पादन किया गया। इसके अलावा 266 सर्टिफिकेट केस, न्यायालय में लंबित 271 आपराधिक मामले, विद्युत विभाग से संबंधित 193 मामले, चेक बाउंस के पांच मामले तथा परिवार वाद से जुड़े 28 मामलों का भी समझौते के आधार पर निपटारा हुआ।बिहार ग्रामीण बैंक की ओर से करीब 1.50 करोड़ रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी। वहीं बैंक ऑफ इंडिया के करीब 58 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें 87 लाख 56 हजार रुपये की समझौता राशि पर समझौता हुआ। मौके पर बिहार ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर रमेश कुमार, डीसीओ जितेंद्र कुमार तथा बैंक ऑफ इंडिया के सीनियर ब्रांच मैनेजर रोशन कुमार समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

__ दस बेंचों पर हुई मामलों की सुनवाई

पक्षकारों को त्वरित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल के निर्देश पर कुल 10 बेंचों का गठन किया गया था। प्रत्येक बेंच पर न्यायिक पदाधिकारी के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल से अधिवक्ता मौजूद रहे। अलग-अलग बेंचों पर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय मनोज कुमार, सोनेलाल रजक, कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडे, सिद्धार्थ शर्मा, प्रज्ञा मिश्रा, सचिन कुमार और दिवाकर राम ने मामलों की सुनवाई की।लोक अदालत के समापन पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव नेहा दयाल ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक एवं विभागीय अधिकारियों तथा पक्षकारों के सहयोग के प्रति आभार जताया।