Monday, 2 November 2026
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अर्नव के प्रभाव से धान की फसलें जलमग्न, खेतों से पानी निकालने में जुटे बेबस किसान

प्रखंड क्षेत्र में अर्नव चक्रवात के प्रभाव से लगातार तीन दिनों तक हुई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। चक्रवाती तूफान के कारण खेतों में लहलहा रही धान की तैयार फसलें जमीन पर बिछ गईं और पूरे खेत तालाब में तब्दील हो गए। फसल के डूबने से दाना सड़ने और भारी नुकसान की आशंका से किसान हलकान हैं।

अर्नव के प्रभाव से धान की फसलें जलमग्न, खेतों से पानी निकालने में जुटे बेबस किसान

केटी न्यूज/केसठ।

प्रखंड क्षेत्र में अर्नव चक्रवात के प्रभाव से लगातार तीन दिनों तक हुई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। चक्रवाती तूफान के कारण खेतों में लहलहा रही धान की तैयार फसलें जमीन पर बिछ गईं और पूरे खेत तालाब में तब्दील हो गए। फसल के डूबने से दाना सड़ने और भारी नुकसान की आशंका से किसान हलकान हैं।जलभराव से बर्बाद हो रही फसल को बचाने के लिए किसान अब खुद ही जद्दोजहद में जुट गए हैं। क्षेत्र के किसान आलोक, संतोष और रंजन आदि अपने स्तर पर विद्युत मोटर और पंपसेट लगाकर खेतों में जमा पानी को बाहर निकालने का भरसक प्रयास कर रहे हैं।

अर्नव के प्रभाव से धान की फसलें जलमग्न, खेतों से पानी निकालने में जुटे बेबस किसान

पीड़ित किसानों का कहना है कि महीनों की कड़ी मेहनत और पूंजी लगाकर तैयार की गई फसल अब आंखों के सामने डूबकर सड़ रही है। अगर समय रहते पानी नहीं निकला, तो पूरी उपज चौपट हो जाएगी। बेबस किसानों ने स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग से शीघ्र ही फसल क्षति का सर्वेक्षण कराकर उचित मुआवजे की मांग की है।

अर्नव के प्रभाव से धान की फसलें जलमग्न, खेतों से पानी निकालने में जुटे बेबस किसान

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