__ परिवारों से पूछे जाने वाले 40 सवालों, मोबाइल एप से आंकड़े जुटाने और गोपनीयता के नियमों की दी गई जानकारी; जनगणना पोर्टल के संचालन का भी मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

केटी न्यूज/बक्सर।
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना को त्रुटिरहित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तर पर अधिकारियों, प्रभार स्तर के पदाधिकारियों, कर्मियों और तकनीकी सहायकों का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इसी कड़ी में दूसरे बैच के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना अधिकारी अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया।प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य निदेशालय, पटना से आए प्रशिक्षक रविन्द्र कुमार सिंह एवं अनुप कुमार वर्मा ने प्रतिभागियों को जनसंख्या गणना से जुड़ी प्रक्रियाओं, तकनीकी व्यवस्थाओं और कार्य निष्पादन के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना का कार्य केवल आंकड़े जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक परिवार से प्राप्त सूचनाओं का सही संकलन, उनका सुरक्षित प्रबंधन और निर्धारित मानकों के अनुरूप अभिलेखीकरण भी बेहद महत्वपूर्ण है।प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के आधिकारिक पोर्टल सीएमएमएस के संचालन एवं प्रबंधन की जानकारी दी गई। वहीं, जनसंख्या गणना प्रबंधन के तहत गणना खंड और उपगणना खंड के निर्धारण, विस्तार, मानचित्रण तथा स्थलीय निरीक्षण के आधार पर नजरी नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया समझाई गई।

इन सभी तकनीकी कार्यों का प्रतिभागियों से व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि वास्तविक गणना के दौरान किसी तरह की तकनीकी परेशानी नहीं हो।कार्यक्रम में दूसरे चरण के दौरान प्रत्येक परिवार से पूछे जाने वाले सभी 40 सवालों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों के संकलन, सूचनाओं को दर्ज करने की प्रक्रिया और जनगणना में गोपनीयता के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि परिवारों से प्राप्त व्यक्तिगत जानकारियों की गोपनीयता बनाए रखना जनगणना प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है।

इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।प्रशिक्षण में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अपर जिला जनगणना अधिकारी मोती कुमार दिनकर, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी हेमंत कुमार चौबे सहित संबंधित पदाधिकारी, कर्मचारी एवं तकनीकी सहायक उपस्थित रहे।प्रशासन का उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से सभी संबंधित कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है, ताकि जनगणना 2027 के दूसरे चरण में आंकड़ों का संकलन सटीक, पारदर्शी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जा सके।





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