किसानों की सामूहिक ताकत को बाजार से जोड़ने की तैयारी, सोन मिलेट्स एफपीओ का प्रशिक्षण शुरू
किसानों को संगठित कर उनकी उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में सोन मिलेट्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने कदम बढ़ाया है। नाबार्ड की पीओडीएफ-आईडी योजना के तहत कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में एफपीओ के पदाधिकारियों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।

__ नाबार्ड के सहयोग से कृषि महाविद्यालय डुमरांव में तीन दिवसीय प्रशिक्षण, सचिव दिनेश यादव बोले—संगठित होकर किसान बढ़ा सकते हैं आमदनी और मजबूत कर सकते हैं बाजार में पकड़
केटी न्यूज/डुमरांव।
किसानों को संगठित कर उनकी उपज को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में सोन मिलेट्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने कदम बढ़ाया है। नाबार्ड की पीओडीएफ-आईडी योजना के तहत कृषि महाविद्यालय, डुमरांव में एफपीओ के पदाधिकारियों के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण में किसानों की सामूहिक शक्ति को बाजार, बेहतर प्रबंधन और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पारसनाथ और सोन मिलेट्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सचिव दिनेश यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

मौके पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. मणिभूषण, प्रखंड कृषि पदाधिकारी डॉ. रविंद्र सचान, प्रशिक्षक तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे।इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक आनंदवर्धन ने एफपीओ की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठन किसानों को एक मंच पर लाकर उत्पादन, भंडारण, विपणन और उपज के बेहतर मूल्य हासिल करने में मदद करता है। सामूहिक प्रयास से बिचौलियों पर निर्भरता कम होने के साथ किसानों की सौदेबाजी की क्षमता भी बढ़ती है।सोन मिलेट्स फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सचिव दिनेश यादव ने कहा कि किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता का रास्ता उनके संगठित होने से होकर गुजरता है।

उन्होंने कहा कि एफपीओ केवल किसानों को एक साथ जोड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी उपज, संसाधन और क्षमता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने का प्रभावी मंच है। बक्सर जिले के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए उत्पादन से लेकर बाजार तक सामूहिक व्यवस्था विकसित करना जरूरी है। इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने के साथ सुरक्षित और सशक्त जीवनयापन का आधार मिलेगा।

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने एफपीओ की भूमिका, सामूहिक विपणन, कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन, बाजार की समझ और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। प्रशिक्षक दिनेश कुमार यादव ने किसानों को सामूहिक प्रयास के लाभ और एफपीओ को प्रभावी ढंग से संचालित करने के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान पदाधिकारियों को एफपीओ को मजबूत बनाने तथा किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने की कार्ययोजना पर भी जानकारी दी जाएगी।

