डुमरांव में फार्मर रजिस्ट्रेशन बना भरोसे का सेतु, प्रशासन की पहल से किसानों में दिखा उत्साह

डुमरांव प्रखंड में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में चलाया जा रहा फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान अब भरोसे का माध्यम बनता नजर आ रहा है। बुधवार को प्रखंड के आठ पंचायतों में आयोजित विशेष किसान पंजीकरण कैम्प का निरीक्षण करते हुए बीडीओ संदीप कुमार पांडेय ने प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश दिया। उनके निरीक्षण का उद्देश्य केवल प्रगति देखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि किसान बिना किसी झंझट के पंजीकरण करा सकें।

डुमरांव में फार्मर रजिस्ट्रेशन बना भरोसे का सेतु, प्रशासन की पहल से किसानों में दिखा उत्साह

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव प्रखंड में किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में चलाया जा रहा फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान अब भरोसे का माध्यम बनता नजर आ रहा है। बुधवार को प्रखंड के आठ पंचायतों में आयोजित विशेष किसान पंजीकरण कैम्प का निरीक्षण करते हुए बीडीओ संदीप कुमार पांडेय ने प्रशासनिक सक्रियता का स्पष्ट संदेश दिया। उनके निरीक्षण का उद्देश्य केवल प्रगति देखना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि किसान बिना किसी झंझट के पंजीकरण करा सकें।निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने कैम्प स्थलों पर मौजूद किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।

किसानों द्वारा बताई गई छोटी-बड़ी दिक्कतों को उन्होंने गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। बीडीओ ने स्पष्ट किया कि फार्मर रजिस्ट्रेशन किसी औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के भविष्य से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।कैम्पों में किसान अपनी भूमि, फसल और व्यक्तिगत विवरण दर्ज करा रहे थे। प्रशासन द्वारा ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराए जाने से उन किसानों को भी राहत मिली, जो डिजिटल माध्यमों से अभी पूरी तरह सहज नहीं हैं।बीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीकी संसाधनों और कर्मियों की कमी किसी भी हालत में किसानों पर असर न डाले।

उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्रेशन से किसानों को सब्सिडी, फसल बीमा, कृषि सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया, ताकि भविष्य में किसान स्वयं ऐसी प्रक्रियाओं में भागीदारी निभा सकें।कैम्प में मौजूद किसानों ने प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना की और कहा कि अधिकारियों की मौजूदगी से उनमें विश्वास बढ़ा है। कुल मिलाकर, डुमरांव प्रखंड में आयोजित यह पंजीकरण अभियान प्रशासन और किसानों के बीच सहयोग और विश्वास का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में किसानों के हित में मील का पत्थर साबित हो सकता है।