
__ शराब, तंबाकू और मादक पदार्थों के दुष्परिणामों से कराया गया अवगत, महिलाओं ने नशामुक्त परिवार और समाज बनाने की ली शपथ
केटी न्यूज/बक्सर।
बिहार सरकार के नशामुक्त भारत अभियान 2026 एवं राज्यव्यापी नशामुक्ति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को बक्सर जिले के तीन प्रखंडों में जीविका की ओर से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत नावानगर, चक्की और सिमरी प्रखंडों के तीन संकुल स्तरीय संघों में महिलाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त परिवार और समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।कार्यक्रम का आयोजन संस्कार जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ नावानगर, मुस्कान जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ चक्की तथा उड़ान जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ सिमरी में किया गया।

इसमें बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जीविका), उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी जीविका दीदियां, सामुदायिक कैडर, जीविका कर्मी एवं प्रखंड स्तरीय प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।कार्यक्रम में वक्ताओं ने शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक एवं सामाजिक नुकसान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे की लत केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।

इससे परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है तथा पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ता है। नशा सामाजिक विकास में भी बड़ी बाधा है।इस दौरान जीविका दीदियों को नशामुक्ति अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए गांव-गांव और टोले-मुहल्लों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों का मजबूत नेटवर्क इस अभियान को ग्रामीण स्तर पर प्रभावी बना सकता है। महिलाएं अपने परिवार से लेकर पूरे समुदाय तक नशे के खिलाफ सकारात्मक माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।वहीं, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के प्रतिनिधियों ने आत्मसंयम, सकारात्मक सोच, आत्मबल और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत संकल्प नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।कार्यक्रम के दौरान जागरूकता गतिविधियों के साथ सामूहिक शपथ ग्रहण भी कराया गया। जीविका दीदियों एवं कर्मियों ने स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिजनों और आसपास के लोगों को इसके सेवन से बचने के लिए प्रेरित करने तथा नशामुक्ति का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुछ स्थानों पर जागरूकता रैली निकालकर भी लोगों से अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज के निर्माण के लिए नशे के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की सामूहिक शक्ति और जनभागीदारी से ही नशामुक्त बिहार का सपना साकार हो सकता है।




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