नेहा कुमारी के निलंबन के बाद यूसुफ अंसारी को मिली मुरार थाने की कमान
मुरार थाने की पूर्व थानाध्यक्ष नेहा कुमारी के निलंबन के बाद पुलिस महकमे ने यूसुफ अंसारी को थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी है। एसपी शुभम आर्य ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें मुरार का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया है। अब उनके सामने क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने, कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने और आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत करने की चुनौती होगी।

__ अपराध नियंत्रण की होगी अग्निपरीक्षा
केटी न्यूज/चौगाईं।
मुरार थाने की पूर्व थानाध्यक्ष नेहा कुमारी के निलंबन के बाद पुलिस महकमे ने यूसुफ अंसारी को थाने की नई जिम्मेदारी सौंपी है। एसपी शुभम आर्य ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें मुरार का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया है। अब उनके सामने क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने, कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखने और आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा मजबूत करने की चुनौती होगी।यूसुफ अंसारी को पुलिसिंग का अनुभव है। इससे पहले वे राजपुर थाने में थानाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) में भी उनकी तैनाती रही है। वहां काम करने के दौरान उन्होंने जटिल मामलों की जांच, अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनकी पिछली तैनातियों का अनुभव मुरार थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

__ पूर्व थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोपों के बाद बदली कमान
गौरतलब है कि रविवार को एसपी शुभम आर्य ने पूर्व थानाध्यक्ष नेहा कुमारी को निलंबित कर दिया था। उन पर शराब तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने में उदासीनता बरतने, अपराधियों को संरक्षण देने, हथियार के साथ पकड़े गए युवक को छोड़ने और मसर्हिया गोलीकांड में एकतरफा कार्रवाई करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों के बाद हुई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई थी। इसके बाद मुरार थाने की कमान यूसुफ अंसारी को सौंपी गई है।

__ कई मोर्चों पर दिखानी होगी सक्रियता
नए थानाध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना होगा। शराब तस्करी पर लगाम लगाने, अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में सख्ती बरतने, संवेदनशील घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने और पुलिस की गश्त बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही, शिकायतों के त्वरित निपटारे और आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय से पुलिस की कार्यप्रणाली में विश्वास कायम करना भी अहम होगा। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए थानाध्यक्ष अपनी कार्यशैली से कानून-व्यवस्था को कितना प्रभावी बना पाते हैं।


