नशे के सौदागरों पर शिकंजा, युवाओं को जागरूकता का कवच; नशामुक्त बिहार के लिए प्रशासन ने भरी हुंकार

नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने और युवाओं को इसके दुष्परिणामों से बचाने के संकल्प के साथ मंगलवार को बिहार में ‘नशा मुक्त बिहार अभियान’ का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर बक्सर के एमवी कॉलेज में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डीएम साहिला और एसपी शुभम आर्य शामिल हुए।

नशे के सौदागरों पर शिकंजा, युवाओं को जागरूकता का कवच; नशामुक्त बिहार के लिए प्रशासन ने भरी हुंकार

__ एमवी कॉलेज में अभियान का आगाज, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया शुभारंभ 

__ डीएम साहिला और एसपी शुभम आर्य ने जनभागीदारी को बताया सफलता की कुंजी

केटी न्यूज/बक्सर। 

नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने और युवाओं को इसके दुष्परिणामों से बचाने के संकल्प के साथ मंगलवार को बिहार में ‘नशा मुक्त बिहार अभियान’ का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर बक्सर के एमवी कॉलेज में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डीएम साहिला और एसपी शुभम आर्य शामिल हुए। कार्यक्रम के जरिए नशे के खिलाफ जनजागरण को तेज करने और समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़ने का संदेश दिया गया।अभियान का मकसद केवल नशे से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को सचेत करना नहीं, बल्कि नशे की प्रवृत्ति को सामाजिक स्तर पर हतोत्साहित करना और खासकर युवाओं को इससे दूर रखना है। प्रशासन ने स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त बिहार के निर्माण के लिए सामूहिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

__ नशा सिर्फ सेहत नहीं, परिवार और भविष्य भी करता है बर्बाद

नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ उसके पारिवारिक जीवन, सामाजिक प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करती है। इसका खामियाजा अकेले नशा करने वाले व्यक्ति को नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को भुगतना पड़ता है। कई बार नशे की प्रवृत्ति सामाजिक और आर्थिक परेशानियों को भी जन्म देती है। ऐसे में नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी अभियान तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

__ डीएम साहिला ने सामूहिक प्रयास पर दिया जोर

कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से नशामुक्त बिहार अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने पर बल दिया गया। डीएम साहिला ने अभियान की सफलता के लिए जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। हालांकि, उनका कोई अलग से शब्दशः बयान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए उनके नाम से कोई अपुष्ट प्रत्यक्ष कथन जोड़ने के बजाय प्रशासन की ओर से व्यक्त संदेश को प्रमुखता दी गई है।

__ एसपी शुभम आर्य की मौजूदगी में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश

कार्यक्रम में एसपी शुभम आर्य की सहभागिता ने नशामुक्ति के प्रयासों में पुलिस की भूमिका को भी रेखांकित किया। नशे के खिलाफ प्रभावी माहौल बनाने के लिए प्रशासन और पुलिस के साथ शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। एसपी का भी कोई अलग से आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं है, इसलिए उनके नाम से प्रत्यक्ष उद्धरण देना उचित नहीं होगा।

__ युवाओं को खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए युवाओं को शिक्षा, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना अहम माना जा रहा है। युवाओं में जागरूकता बढ़ने से न केवल नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की राह भी मजबूत होगी।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से नशामुक्त बिहार अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। अभियान की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब लोग खुद नशे से दूर रहने का संकल्प लें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। संदेश साफ है—नशे के खिलाफ लड़ाई किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।