हर पंचायत में तैयार होंगे श्रमिकों के हक की आवाज उठाने वाले प्रतिनिधि

ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने पंचायत स्तर पर जागरूकता की पहल की है। इसी कड़ी में मंगलवार को बक्सर जिले में ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया।

हर पंचायत में तैयार होंगे श्रमिकों के हक की आवाज उठाने वाले प्रतिनिधि

__  बक्सर में ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन, जिले की प्रत्येक पंचायत से एक-एक श्रमिक को दी गई योजनाओं, अधिकारों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी

केटी न्यूज/बक्सर। 

ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने पंचायत स्तर पर जागरूकता की पहल की है। इसी कड़ी में मंगलवार को बक्सर जिले में ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले की प्रत्येक पंचायत से एक-एक श्रमिक का चयन कर उसे प्रशिक्षण दिया गया, ताकि प्रशिक्षित श्रमिक अपने क्षेत्र में दूसरे कामगारों को विभागीय योजनाओं और श्रमिक हित से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दे सकें।शिविर का उद्घाटन अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) शशिकांत पासवान और श्रम अधीक्षक, बक्सर ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, उनके अधिकारों, पंजीकरण की प्रक्रिया और विभाग की ओर से उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना रहा। विभाग की इस पहल के जरिए पंचायत स्तर पर श्रमिकों और सरकारी व्यवस्था के बीच सूचना की दूरी कम करने पर जोर दिया गया।

__ योजनाओं की जानकारी से वंचित न रहें कामगार

ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न प्रकार के कार्यों में लगे रहते हैं। ऐसे में विभागीय योजनाओं, पात्रता की शर्तों और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी उनके लिए महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से संचालित योजनाओं, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया गया। साथ ही, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी भी दी गई।प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल चयनित श्रमिकों को जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें अपने-अपने पंचायत क्षेत्र में जागरूकता की कड़ी के रूप में तैयार करना है। इससे विभागीय योजनाओं से संबंधित जरूरी सूचनाएं अधिक से अधिक कामगारों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

__ पंचायत स्तर पर बढ़ेगी जागरूकता

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता शशिकांत पासवान ने श्रमिकों को समाज और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण अंग बताया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की समुचित जानकारी मिलने से वे अपने हित में योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकते हैं।उन्होंने पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित श्रमिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में श्रमिक कल्याण से जुड़ी जानकारियों का प्रसार किया जा सकता है। इससे पात्र श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी हासिल करने और संबंधित सुविधाओं तक पहुंचने में सहायता मिलेगी।

__विभाग और श्रमिकों के बीच समन्वय पर जोर

ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर को श्रमिकों में जागरूकता बढ़ाने और विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की दिशा में एक पहल के रूप में देखा जा रहा है। पंचायतों से चयनित श्रमिक अपने क्षेत्र में अन्य कामगारों को जानकारी देकर उन्हें सरकारी सुविधाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकेंगे। इससे श्रमिकों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ विभाग और कामगारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।