जन्मदिन पर लिया हरियाली का संकल्प, पौधरोपण से दिया जल संरक्षण का संदेश

ब्रह्मपुर प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में रविवार को एक जन्मदिन समारोह सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। पर्यावरण कार्यकर्ता शैलेश ओझा ने अपने पुत्र के जन्मदिन को खास बनाने के लिए बिहार दिवस एवं विश्व जल दिवस के अवसर पर पौधरोपण अभियान आयोजित कर लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

जन्मदिन पर लिया हरियाली का संकल्प, पौधरोपण से दिया जल संरक्षण का संदेश

__ बिहार दिवस व विश्व जल दिवस पर रघुनाथपुर में बच्चों संग हुआ अनोखा अभियान

केटी न्यूज/डुमरांव

ब्रह्मपुर प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में रविवार को एक जन्मदिन समारोह सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक उदाहरण बन गया। पर्यावरण कार्यकर्ता शैलेश ओझा ने अपने पुत्र के जन्मदिन को खास बनाने के लिए बिहार दिवस एवं विश्व जल दिवस के अवसर पर पौधरोपण अभियान आयोजित कर लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।इस अवसर पर गांव के विभिन्न स्थानों पर आम, अशोक एवं ग्रीन सेमर सहित कई फलदार और छायादार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। बच्चों को न केवल पौधरोपण में शामिल किया गया, बल्कि उन्हें पौधे वितरित कर उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई, ताकि बचपन से ही उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शैलेश ओझा ने कहा कि 22 मार्च का दिन दोहरी जिम्मेदारी का एहसास कराता है।एक ओर जहां बिहार दिवस हमें अपनी सांस्कृतिक धरोहर पर गर्व करने की प्रेरणा देता है, वहीं विश्व जल दिवस हमें जल संरक्षण के महत्व को समझने और उसके प्रति संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।उन्होंने बढ़ते जल संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि अभी से ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पौधारोपण न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का प्रभावी उपाय है, बल्कि यह जल संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में शामिल अन्य पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने भी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें जीवित रखना भी उतना ही जरूरी है।इस अभियान में विशाल सिंह, मु. राजू, मोहन कुमार, अनूप, अनुज और रौशन सहित कई युवाओं और बच्चों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने मिलकर न सिर्फ पौधे लगाए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।गांव में आयोजित यह अनोखा जन्मदिन समारोह यह साबित करता है कि यदि व्यक्ति चाहे तो निजी खुशियों को भी सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाया जा सकता है।