रोजा के पवित्र माह में समाजसेवी जुगनू दुबे ने बांटी राहत सामग्री, दिया भाईचारे का संदेश

प्रखंड के दसियाव गांव में रविवार को रोजा के पवित्र माह के दौरान मानवता और आपसी सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। कुलमनपुर गांव निवासी समाजसेवी रजनीकांत दूबे उर्फ जुगनू दुबे ने मुस्लिम समाज के दर्जनों जरूरतमंद परिवारों के बीच ड्राई फूड का वितरण किया। इस पहल से गांव में भाईचारे और सद्भाव का सकारात्मक संदेश गया।ड्राई फूड वितरण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की उपस्थिति रही।

रोजा के पवित्र माह में समाजसेवी जुगनू दुबे ने बांटी राहत सामग्री, दिया भाईचारे का संदेश

केटी न्यूज/केसठ। 

प्रखंड के दसियाव गांव में रविवार को रोजा के पवित्र माह के दौरान मानवता और आपसी सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। कुलमनपुर गांव निवासी समाजसेवी रजनीकांत दूबे उर्फ जुगनू दुबे ने मुस्लिम समाज के दर्जनों जरूरतमंद परिवारों के बीच ड्राई फूड का वितरण किया। इस पहल से गांव में भाईचारे और सद्भाव का सकारात्मक संदेश गया।ड्राई फूड वितरण कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की उपस्थिति रही।उन्होंने स्वयं लोगों के बीच पहुंचकर खाद्य सामग्री सौंपी और उनका हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि रोजा त्याग, संयम और इंसानियत का प्रतीक है।

यह महीना हमें जरूरतमंदों की मदद करने और एक-दूसरे के दुख-दर्द को समझने की सीख देता है। मेरा प्रयास है कि कोई भी परिवार रोजा के दौरान अभाव महसूस न करे, उन्होंने भावुक स्वर में कहा।उन्होंने आगे कहा,धर्म और जाति से ऊपर उठकर हमें इंसानियत को प्राथमिकता देनी चाहिए। समाज की सच्ची सेवा वही है, जब हम बिना भेदभाव के जरूरतमंदों के साथ खड़े हों। उनके इस कदम की ग्रामीणों ने सराहना की और इसे आपसी सौहार्द का प्रतीक बताया।स्थानीय लोगों ने बताया कि जुगनू दुबे समय-समय पर सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करती है।रोजा के इस पावन अवसर पर की गई यह पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों ने इसे सामाजिक समरसता की सुंदर मिसाल बताया है।