होल्डिंग टैक्स बना आक्रोश की चिंगारी, चौसा नपं पर जनता का सीधा हमला
नगर पंचायत चौसा में होल्डिंग टैक्स की कथित अवैध वसूली और व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। नगर पंचायत कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
-- बिना सुविधा टैक्स की वसूली का आरोप, भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे नागरिक
केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत चौसा में होल्डिंग टैक्स की कथित अवैध वसूली और व्यापक भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। नगर पंचायत कार्यालय के समक्ष बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व अभिमन्यु सिंह कुशवाहा ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शैलेश कुशवाहा ने संभाला। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चौसा को वर्ष 2023 में नगर पंचायत का दर्जा मिला, लेकिन इसके बावजूद नगर पंचायत बोर्ड की पहली बैठक वर्ष 2025 में हुई। ऐसे में उससे पहले, यानी वर्ष 2021 से होल्डिंग टैक्स की वसूली कैसे और किस आधार पर की गई, यह समझ से परे है।

-- पहले सुविधा, फिर टैक्स की उठी मांग
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नगर पंचायत बने कई वर्ष बीत जाने के बावजूद चौसा में आज तक बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जा सकीं। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं है, सड़कें बदहाल हैं, जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है और साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। ऐसे हालात में जनता से होल्डिंग टैक्स वसूलना सरासर अन्याय और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक नगर पंचायत क्षेत्र में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जातीं, तब तक किसी भी प्रकार का टैक्स लेना नैतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से गलत है।

-- हर योजना में घोटाले का आरोप
धरना में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पंचायत चौसा में लगभग हर विकास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और लूट मची हुई है। कई बार इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक न तो जांच हुई और न ही किसी दोषी पर कार्रवाई। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार को संरक्षण मिल रहा है।

-- उच्चस्तरीय जांच की मांग
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि होल्डिंग टैक्स की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाई जाए और नगर पंचायत में हुए सभी कार्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जनता के साथ इस तरह का अन्याय न हो।धरना-प्रदर्शन में कृष्णकांत मिश्रा, छोटे लाल चौधरी, महेंद्र पांडेय, दुखी राम, सुमंत कुशवाहा, एनुल धोवी, विनय जायसवाल, उपेंद्र खरवार, मोनू चंद्रवंशी, राधेश्याम गोड़, मदन मालाकार, रविंद्र कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, वीरेंद्र डोम, जयप्रकाश, शिवजी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

