मकर संक्रांति पर रेड क्रॉस ने दिखाई मानवता, जरूरतमंदों के बीच बांटे कंबल
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर डुमरांव में मानवता और करुणा की मिसाल देखने को मिली, जब भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला उप-शाखा द्वारा जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर स्थित एक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों गरीब एवं असहाय लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल प्रदान किए गए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्व के माध्यम से पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा।
केटी न्यूज/डुमरांव
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर डुमरांव में मानवता और करुणा की मिसाल देखने को मिली, जब भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला उप-शाखा द्वारा जरूरतमंदों के लिए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नगर स्थित एक सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों गरीब एवं असहाय लोगों को ठंड से बचाव के लिए कंबल प्रदान किए गए। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पर्व के माध्यम से पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश समाज तक पहुंचाना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के वरीय सदस्य डॉ. आनंद पाण्डेय उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि फिजिशियन डॉ. शैलेश श्रीवास्तव रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उप-शाखा के सचिव मोहन गुप्ता ने की तथा संचालन आजीवन सदस्य राजीव रंजन सिंह ने किया।अपने संबोधन में डॉ. आनंद पाण्डेय ने कहा कि मानव सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। समाज के सक्षम लोगों को चाहिए कि वे अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं। उन्होंने रेड क्रॉस सोसाइटी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व स्तर पर आपदा और संकट की हर घड़ी में रेड क्रॉस ने निस्वार्थ सेवा के माध्यम से मानवता की रक्षा की है। स्थानीय स्तर पर भी उप-शाखा द्वारा किए जा रहे कार्य इस परंपरा को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में लाभार्थियों और उपस्थित लोगों को तिलकुट एवं अन्य मिष्ठान खिलाकर मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर उप-शाखा के कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार, पूर्व कोषाध्यक्ष अमरनाथ केशरी, संजय दयाल, अजय गुप्ता, रमेश रौनियार, सुरेश कुमार, संतोष शर्मा, संतोष कुमार, इंजीनियर दीपक कुमार, रौशन गुप्ता, शिक्षक रविशंकर सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।यह आयोजन न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत का माध्यम बना, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करता नजर आया।

