जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, बक्सर में स्वगणना को लेकर अधिकारियों व कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में वरीय उप समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी (जनगणना) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीविका दीदी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) से जुड़े कर्मी, महिला पर्यवेक्षिकाएं तथा जिला जनगणना कोषांग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।

जनगणना 2027 की तैयारियां तेज, बक्सर में स्वगणना को लेकर अधिकारियों व कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

__ जीविका दीदियों, आईसीडीएस कर्मियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को फ्लो चार्ट के जरिए समझाई गई प्रक्रिया, घर-घर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में वरीय उप समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी (जनगणना) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जीविका दीदी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) से जुड़े कर्मी, महिला पर्यवेक्षिकाएं तथा जिला जनगणना कोषांग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना में स्वगणना प्रक्रिया को सफल बनाना तथा उससे जुड़े कर्मियों को प्रशिक्षित करना था। इस दौरान उपस्थित सभी प्रतिभागियों को फ्लो चार्ट के माध्यम से स्वगणना की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल माध्यम से स्वगणना की व्यवस्था लोगों के लिए सुविधाजनक होगी, जिससे वे स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।बैठक में सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी हेमंत कुमार चौबे ने जनगणना 2027 में पूछे जाने वाले 33 महत्वपूर्ण प्रश्नों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन प्रश्नों के माध्यम से परिवार, आवास, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक स्थिति तथा अन्य आवश्यक जानकारियां एकत्र की जाएंगी, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।प्रशिक्षण सत्र के दौरान सभी कर्मियों एवं पदाधिकारियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गई। इसमें मोबाइल अथवा डिजिटल माध्यम से स्वगणना करने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया, ताकि वे स्वयं इसे आसानी से कर सकें और आम नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित कर सकें।

अधिकारियों ने कहा कि स्वगणना व्यवस्था तभी सफल होगी जब अधिक से अधिक लोग स्वयं इसमें भागीदारी करेंगे।बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी संबंधित कर्मी पहले स्वयं स्वगणना करें और इसके बाद अपने संपर्क में आने वाले लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। विशेष रूप से जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं और उनके परिवारों के बीच जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीविका दीदियों की मजबूत पहुंच है, इसलिए वे स्वगणना अभियान को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।इसके अलावा आईसीडीएस पदाधिकारियों एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं को निर्देशित किया गया कि वे अपने केंद्रों के माध्यम से स्वगणना का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं को भी स्वगणना करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा बच्चों के अभिभावकों के बीच जागरूकता फैलाने को कहा गया।वरीय उप समाहर्ता ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की विकास योजनाओं की आधारशिला होती है। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और सामाजिक कल्याण जैसी योजनाएं बनाती है। इसलिए सभी कर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को जागरूक करें और जनगणना 2027 को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।बैठक के अंत में जिला जनगणना कोषांग के अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की और सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की।