रामराज्य की झलक, फूलों की होली और सम्मान के साथ विदा हुआ बक्सर का विजयादशमी महोत्सव

आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरने वाला बक्सर का ऐतिहासिक विजयादशमी महोत्सव प्रभु श्रीराम के भव्य राजतिलक और फूलों की होली के साथ संपन्न हो गया। नगर के ऐतिहासिक किला मैदान स्थित रामलीला मंच पर आयोजित 20 दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धा, उल्लास और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

रामराज्य की झलक, फूलों की होली और सम्मान के साथ विदा हुआ बक्सर का विजयादशमी महोत्सव

__ 20 दिनों तक रामभक्ति में डूबा रहा किला मैदान, राजतिलक की लीला ने मोहा मन; उत्कृष्ट झांकियों और आयोजन के सहयोगियों को किया गया सम्मानित

केटी न्यूज/बक्सर।

आस्था, भक्ति और भारतीय संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरने वाला बक्सर का ऐतिहासिक विजयादशमी महोत्सव प्रभु श्रीराम के भव्य राजतिलक और फूलों की होली के साथ संपन्न हो गया। नगर के ऐतिहासिक किला मैदान स्थित रामलीला मंच पर आयोजित 20 दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन श्रद्धा, उल्लास और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रभु श्रीराम के राज्याभिषेक की मनोहारी लीला ने श्रद्धालुओं को रामराज्य की कल्पना से जोड़ दिया, वहीं वृंदावन के कलाकारों के साथ फूलों की होली ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समापन समारोह में उत्कृष्ट झांकियों के प्रतिभागियों और महोत्सव की सफलता में योगदान देने वाले गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया।

श्री रामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में वृंदावन से आए श्री बाल कृष्ण रासलीला एवं रामलीला मंडल ने स्वामी मोहन श्याम भारद्वाज के निर्देशन में अंतिम दिन की लीला प्रस्तुत की। भरत मिलाप के बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन, माताओं से मिलन और राजतिलक की तैयारियों का भावपूर्ण मंचन किया गया। गुरु वशिष्ठ द्वारा तिलक किए जाने और माताओं के आरती उतारने के दृश्य पर पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद कलाकारों और समिति सदस्यों ने फूलों की होली खेलकर समापन समारोह को यादगार बना दिया।

__राम के आदर्शों से समाज को जोड़ते हैं ऐसे आयोजन

समारोह में नगर परिषद की मुख्य पार्षद कमरून निशा और सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय उपस्थित रहे। समिति की ओर से दोनों अतिथियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। एसडीपीओ ने कहा कि रामलीला जैसे आयोजन भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, अनुशासन, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। वहीं मुख्य पार्षद ने बक्सर की ऐतिहासिक रामलीला को धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताते हुए इसके सफल आयोजन के लिए समिति को बधाई दी।

__ झांकी प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला सम्मान

भरत मिलाप के दौरान निकाली गई झांकियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को आरके ज्वेलर्स के सौजन्य से शील्ड, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। राम-लक्ष्मण द्वारा अहिल्या उद्धार की झांकी के लिए तुरहा टोली के राजकुमार को प्रथम, नरसिंह अवतार में हिरण्यकश्यप वध की झांकी के लिए जई मोहल्ला के शुभम वर्मा और राहुल कुमार को द्वितीय तथा राधा रानी-बांके बिहारी की झांकी के लिए बड़ी देवी के शुभम केसरी और सागर वर्मा को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार मिला। अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

__ सहयोगियों और कलाकारों के योगदान को सराहा

महोत्सव में सहयोग देने वाले मनोज कुमार, अनुराग पांडेय, महेश भोतिका, राजकुमार, संजय गुप्ता, वैष्णो स्वीट और गणेश कलर लैब के राजेश चौरसिया सहित अन्य सहयोगकर्ताओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। रामलीला और कृष्णलीला के प्रभावशाली मंचन के लिए स्वामी मोहन श्याम भारद्वाज को स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र प्रदान किया गया।राजगद्दी आयोजन के संयोजक संजय सर्राफ रहे। समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश संगम ने कार्यक्रम का संचालन किया, जबकि सचिव बैकुंठनाथ शर्मा ने स्वागत भाषण और धन्यवाद ज्ञापन किया। समिति ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर परिषद, मीडिया, व्यवसायियों, कलाकारों, स्वयंसेवकों और नगरवासियों के प्रति आभार जताया। मौके पर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।