अभियोजन की मासिक समीक्षा बैठक, बक्सर में अक्टूबर माह में कुल 32 वादों में सुनाई गई सजा
समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह की अध्यक्षता में अभियोजन की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्वरित विचारण एवं सामान्य वादों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर व जघन्य मामलों में अधिक से अधिक दोषसिद्धि सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न हो और समाज में शांति-व्यवस्था की मजबूत स्थिति कायम रह सके।
-- डीएम ने दिया तेज निष्पादन का निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर
समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह की अध्यक्षता में अभियोजन की मासिक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में त्वरित विचारण एवं सामान्य वादों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर व जघन्य मामलों में अधिक से अधिक दोषसिद्धि सुनिश्चित करें, ताकि अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न हो और समाज में शांति-व्यवस्था की मजबूत स्थिति कायम रह सके।

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2025 में त्वरित विचारण के तहत कुल 12 वादों में सजा सुनाई गई है। इनमें जघन्य अपराध के छह वाद, पॉक्सो अधिनियम के चार वाद, शस्त्र अधिनियम के एक वाद तथा एनडीपीएस अधिनियम के एक वाद शामिल हैं। वहीं सामान्य वादों में इसी अवधि के दौरान जघन्य अपराध के पांच और शस्त्र अधिनियम के 15 वादों में अभियुक्तों को दोषी ठहराया गया। इस प्रकार माह में कुल 32 वादों में सजा सुनाए जाने की जानकारी बैठक में साझा की गई।
बैठक के दौरान विशेष लोक अभियोजक (उत्पाद) अवधेश राय ने बताया कि जिले के चर्चित मुरार थाना कांड संख्या 10/2022 की सुनवाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि त्वरित विचारण के अंतर्गत सात ऐसे वाद हैं, जिनमें सजा सुनाए जाने के समय अभियुक्त फरार हो गए। न्यायालय ने इन सभी मामलों में एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद संबंधित वादों में सजा सुनाई जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह ने बैठक में उपस्थित लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक एवं अभियोजन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वादों के त्वरित निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियोजन से जुड़े सभी अधिकारी प्रत्येक माह अधिक संख्या में वादों का निष्पादन कर दोषी व्यक्तियों को कठोरतम सजा दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इससे अपराधियों में भय पैदा होगा तथा आम जनता सुरक्षित व शांतिपूर्ण माहौल में जीवन व्यतीत कर सकेगी।
डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन अभियोजन टीम को हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुसंधानकर्ताओं, चिकित्सकों, पुलिस पदाधिकारियों सहित सभी गवाहों की उपस्थिति अदालत में हर हाल में सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी वाद की सुनवाई में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि त्वरित विचारण की प्रक्रिया तभी प्रभावी होगी जब गवाही समय पर और साक्ष्य सुदृढ़ तरीके से अदालत में प्रस्तुत किए जाएं।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि लोक अभियोजक एवं अभियोजन पदाधिकारी प्रत्येक माह अपने स्तर से सभी अपर लोक अभियोजक व सहायक अभियोजन पदाधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक कर लंबित वादों के निष्पादन में गति लाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि वादों के शीघ्र निपटारे से जिला स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
बैठक में अपर समाहर्ता बक्सर, प्रभारी पदाधिकारी जिला विधि शाखा, पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), जिला अभियोजन पदाधिकारी, अनुमंडल अभियोजन पदाधिकारी, पुलिस अभियोजन शाखा के प्रभारी, सिविल सर्जन के प्रतिनिधि, लोक अभियोजक, सरकारी अधिवक्ता एवं सभी अपर लोक अभियोजक उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने त्वरित व निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया।

