ग्रामीण पशु-सेवा का मजबूत स्तंभ बना एमवीयू-1962, स्टेट प्रोग्राम हेड ने किया यूनिट का निरीक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (एमवीयू)-1962 ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से प्रशंसा बटोरी है। शुक्रवार को बिहार के स्टेट प्रोग्राम हेड एसएनएल मूर्ति ने यूनिट का निरीक्षण किया और वाहन, उपकरणों व संपूर्ण व्यवस्था को मानक के अनुरूप व सराहनीय पाया।
केटी न्यूज/बक्सर
ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (एमवीयू)-1962 ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली से प्रशंसा बटोरी है। शुक्रवार को बिहार के स्टेट प्रोग्राम हेड एसएनएल मूर्ति ने यूनिट का निरीक्षण किया और वाहन, उपकरणों व संपूर्ण व्यवस्था को मानक के अनुरूप व सराहनीय पाया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने टीम की तत्परता, अनुशासन और सेवा भावना पर विशेष संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एमवीयू-1962 की सक्रियता और मैदान में दिखाई जा रही जागरूकता ग्रामीण क्षेत्रों में पशु-स्वास्थ्य का मजबूत आधार बन रही है।

टीम के पशु चिकित्सक डॉ. अरुण कुमार, पैरावेट विकास पाल और चालक अशोक कुमार ने उन्हें यूनिट की फील्ड-वर्क प्रक्रिया, आपातकालीन सेवा और किसानों तक पहुंचने की रणनीति से अवगत कराया। टीम द्वारा समय पर प्रतिक्रिया और दूरदराज के इलाकों में निरंतर सेवा ने निरीक्षण दल को प्रभावित किया।जिला कोऑर्डिनेटर अग्निवेश कुमार की भूमिका को भी विशेष रूप से सराहा गया। उनकी सक्रिय निगरानी और यूनिट संचालन के प्रति प्रतिबद्धता ने एमवीयू-1962 की कार्यक्षमता को और मजबूत किया है।
इधर, किसानों ने भी एमवीयू-1962 की सेवाओं पर संतोष जताते हुए कहा कि अब पशुओं का इलाज घर के दरवाजे पर होने से समय और पैसे की बचत होती है। हाल के रोग प्रकोपों में यूनिट की त्वरित उपलब्धता ने कई पशुओं की जान बचाई है। निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट हुआ कि एमवीयू-1962 जिले में पशु-सेवा का सबसे भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरा है और इसकी कार्यशैली अन्य यूनिटों के लिए भी एक मानक स्थापित कर रही है।

