खुले कुएं ने ली 38 वर्षीय व्यक्ति की जान, दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा गांव में असुरक्षित खुले कुएं ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मंगलवार की रात अंधेरे में कुएं का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण 38 वर्षीय जयप्रकाश राम उसमें गिर गए। कुएं में भरे पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई।

__ जमीन से महज एक फुट ऊंचा था कुआं, अंधेरे में नजर नहीं आने से हुआ हादसा; सरेंजा गांव में पसरा मातम
केटी न्यूज/बक्सर।
राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा गांव में असुरक्षित खुले कुएं ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। मंगलवार की रात अंधेरे में कुएं का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण 38 वर्षीय जयप्रकाश राम उसमें गिर गए। कुएं में भरे पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि खुले और असुरक्षित कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, वहीं पत्नी और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

__ घर से निकले जयप्रकाश, फिर नहीं लौट सके
मिली जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश राम मंगलवार की रात घर से टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में मौजूद कुआं अंधेरे के कारण उन्हें दिखाई नहीं दिया। जमीन से महज एक फुट ऊंचे इस कुएं पर कोई ढक्कन भी नहीं लगा था। ऐसे में वे अनजाने में उसमें गिर पड़े। कुएं में पानी भरा होने और बाहर निकलने में असमर्थ रहने के कारण उनकी जान चली गई। रात के अंधेरे में हुई इस घटना ने परिवार की जिंदगी में ऐसा दुख भर दिया, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

__ दो मासूम बच्चों के भविष्य पर संकट
जयप्रकाश राम की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता का साया उठने से दो बच्चों के सिर से सहारा छिन गया है। पत्नी और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हादसे ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आबादी के बीच मौजूद खुले कुओं को सुरक्षित रखने के लिए आखिर पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए जाते।

__ पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद सौंपा शव
घटना की सूचना मिलने पर राजपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। राजपुर थानाध्यक्ष निवास कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।यह हादसा खुले कुओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत को एक बार फिर सामने लाता है, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

