वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी उपज, चौगाईं में किसानों को बताए गए कम लागत के गुर
खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को अब पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक तकनीकों को भी अपनाना होगा। मिट्टी की जांच, उन्नत बीजों का इस्तेमाल, फसल चक्र का पालन और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले सरकारी अनुदान का लाभ लेकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।

__ मिट्टी की सेहत से लेकर फसल चक्र तक पर दिया गया जोर, कृषि यंत्रों पर अनुदान और सरकारी योजनाओं की जानकारी से किसानों को किया गया जागरूक
केटी न्यूज/डुमरांव।
खेती की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए किसानों को अब पारंपरिक तरीकों के साथ वैज्ञानिक तकनीकों को भी अपनाना होगा। मिट्टी की जांच, उन्नत बीजों का इस्तेमाल, फसल चक्र का पालन और कृषि यंत्रों पर मिलने वाले सरकारी अनुदान का लाभ लेकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। बुधवार को चौगाईं प्रखंड कृषि कार्यालय परिसर में आयोजित प्रखंड स्तरीय वासंतिक रबी प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को खेती की इन्हीं बारीकियों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने बेहतर उत्पादन के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल गंगवार ने की। प्रखंड प्रमुख ऋषिकांत सिंह, अंचलाधिकारी गौतम कुमार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने पर चर्चा हुई।

__मिट्टी की जांच से उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल पर जोर
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक महनाज खातून और सहायक तकनीकी प्रबंधक ब्रजेश शर्मा ने मिट्टी की जांच के महत्व को समझाया। उन्होंने फसल की जरूरत के अनुसार पोषक तत्वों के इस्तेमाल, फसल चक्र अपनाने और कृषि यंत्रों की खरीद पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से संसाधनों का बेहतर उपयोग और उत्पादन में सुधार संभव है।कृषि समन्वयक मनोज कुमार और श्यामसुंदर सिंह ने कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं तथा बीज वितरण की प्रक्रिया की जानकारी दी। वहीं, किसान सलाहकार अवधेश कुमार और कुमार विज्ञानंद ने किसानों की समस्याओं पर मार्गदर्शन करते हुए खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारी साझा की।

__ जैविक खेती और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील
आत्मा समिति के सदस्य अरुण कुमार और राकेश कुमार गौतम ने जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने खेती में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की जरूरत बताई।प्रखंड प्रमुख ऋषिकांत सिंह ने कहा कि किसानों की समृद्धि से ही क्षेत्र का वास्तविक विकास संभव है। उन्होंने किसानों से पारंपरिक अनुभवों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की। वहीं, अंचलाधिकारी गौतम कुमार ने प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को बेहतर खेती, सरकारी योजनाओं और कृषि संसाधनों के समुचित उपयोग के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।


