चार श्रम कोड और मनरेगा को लेकर सरकार पर बरसे खेग्रामस के राज्य सचिव

चार श्रम कोड और मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजदूर आंदोलन तेज करने की रणनीति के साथ शनिवार को डुमरांव स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) की बक्सर जिला कमेटी की बैठक हुई।

चार श्रम कोड और मनरेगा को लेकर सरकार पर बरसे खेग्रामस के राज्य सचिव

__ शत्रुघ्न सहनी बोले—मजदूरों के अधिकारों पर हो रहा हमला, गांव-गांव सदस्यता अभियान चलाकर तेज करेंगे आंदोलन; 21-22 नवंबर को गिरिडीह में होगा राष्ट्रीय सम्मेलन

केटी न्यूज/डुमरांव :

चार श्रम कोड और मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजदूर आंदोलन तेज करने की रणनीति के साथ शनिवार को डुमरांव स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय में अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा (खेग्रामस) की बक्सर जिला कमेटी की बैठक हुई। बैठक में संगठन के बिहार राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी ने मजदूरों के अधिकारों का सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने गांव-गांव सदस्यता अभियान चलाकर ग्रामीण मजदूरों को संगठित करने का आह्वान किया।बैठक को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न सहनी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार चार श्रम कोड लागू कर मजदूरों के अधिकारों को कमजोर कर रही है।

वहीं, मनरेगा को खत्म करने की दिशा में कदम उठाकर ग्रामीण मजदूरों से रोजगार छीनने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मजदूर पहले से ही आजीविका के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में रोजगार और श्रम अधिकारों पर असर पड़ने से उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।राज्य सचिव ने कहा कि मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करने के लिए खेग्रामस का सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। संगठन गांव-गांव पहुंचकर खेत मजदूरों और ग्रामीण श्रमिकों को गोलबंद करेगा तथा उनके सवालों को लेकर आंदोलन तेज करेगा।

बैठक में आगामी 21 और 22 नवंबर को झारखंड के गिरिडीह में आयोजित होने वाले खेग्रामस के आठवें राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। सहनी ने कार्यकर्ताओं से सम्मेलन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की।बैठक में जिला सचिव नारायण दास, जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, राज्य परिषद सदस्य सत्यनारायण पासवान, राज्य कमेटी नेता धर्मेंद्र सिंह, नावानगर प्रखंड सचिव हरेंद्र राम, ब्रह्मपुर सचिव विसर्जन राम, बिरबहादुर पासवान, कुश भगवान, रमेश यादव, हरिद्वार राम और वकील राय सहित कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।