भरत-राम का मिलन देख छलक उठीं आंखें, जय श्रीराम से गूंजा यमुना चौक

भाइयों के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक भरत मिलाप का भावपूर्ण दृश्य गुरुवार की मध्यरात्रि बक्सर के यमुना चौक पर साकार हुआ। 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के 19वें दिन भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का मंचन देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। किसी की आंखों से प्रेमाश्रु छलक पड़े, तो कोई जय श्रीराम के जयघोष में डूबा नजर आया।

भरत-राम का मिलन देख छलक उठीं आंखें, जय श्रीराम से गूंजा यमुना चौक

__ विजयादशमी महोत्सव के 19वें दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, आकर्षक झांकियों ने मोहा मन; रोटरी, रेडक्रॉस और विश्वामित्र विचार मंच ने रातभर चलाया सेवा शिविर

केटी न्यूज/बक्सर।

भाइयों के अटूट प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक भरत मिलाप का भावपूर्ण दृश्य गुरुवार की मध्यरात्रि बक्सर के यमुना चौक पर साकार हुआ। 20 दिवसीय विजयादशमी महोत्सव के 19वें दिन भगवान श्रीराम और भरत के मिलन का मंचन देख श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। किसी की आंखों से प्रेमाश्रु छलक पड़े, तो कोई जय श्रीराम के जयघोष में डूबा नजर आया। आकर्षक झांकियों, भव्य रथों और भक्तिमय माहौल ने पूरे नगर को राममय बना दिया।श्रीरामलीला समिति, बक्सर के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में वृंदावन से आए श्री बालकृष्ण रासलीला एवं रामलीला मंडल के स्वामी मोहन श्याम भारद्वाज के निर्देशन में भरत मिलाप का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम का रथ कृष्णा सिनेमा रोड स्थित प्रद्युम्न जी के हाता से नगर भ्रमण करते हुए यमुना चौक पहुंचा।

वहीं, मल्लाह टोली स्थित हनुमान मंदिर से भरत जी का रथ भी वहां पहुंचा। दोनों भाइयों के मिलन का दृश्य देखते ही श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।मंचन में दिखाया गया कि रावण वध और विभीषण को लंका का राज्य सौंपने के बाद भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या लौट रहे हैं। उधर, निर्धारित समय तक प्रभु के नहीं लौटने की आशंका से भरत व्याकुल हैं। तभी ब्राह्मण वेश में हनुमान जी पहुंचकर श्रीराम के आगमन का संदेश देते हैं। यह खबर मिलते ही अयोध्यावासी खुशी से झूम उठते हैं। नगर के द्वार पर गुरु वशिष्ठ को देखकर श्रीराम और लक्ष्मण उनके चरण स्पर्श करते हैं। इसके बाद भरत अपने आराध्य भाई श्रीराम के चरणों से लिपट जाते हैं। श्रीराम उन्हें उठाकर गले लगा लेते हैं। यह हृदयस्पर्शी दृश्य भाईचारे, प्रेम और पारिवारिक मर्यादा का संदेश दे गया।

__ झांकियों के साथ सेवा और सम्मान का संगम

भरत मिलाप के दौरान नगर की विभिन्न संस्थाओं ने आकर्षक झांकियां निकालीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोटरी क्लब ने नि:शुल्क चाय-पानी, महर्षि विश्वामित्र विचार मंच ने वेजिटेबल सूप और जल तथा रेडक्रॉस सोसायटी ने बिस्कुट, कुरकुरे और मिक्सचर की व्यवस्था की।कार्यक्रम का उद्घाटन सदर एसडीएम अविनाश कुमार और डीएसपी गौरव पांडेय ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। समिति के सचिव बैकुंठनाथ शर्मा ने अतिथियों को अंगवस्त्र और श्रीराम का पट्टा देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तारकेश्वर प्रसाद सर्राफ उर्फ राम जी बाबू ने की, जबकि संचालन समिति के कोषाध्यक्ष सुरेश संगम ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव हरिशंकर गुप्ता ने किया।

__ परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखना समिति का संकल्प

श्रीरामलीला समिति के संयुक्त सचिव सह मीडिया प्रभारी हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि भरत मिलाप केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, भाईचारे, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत संदेश है। समिति का प्रयास है कि रामलीला की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सद्भाव तथा सांस्कृतिक चेतना मजबूत हो। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों के प्रति आभार जताया।

मौके पर जीएसटी के संयुक्त आयुक्त तेजकांत झा, उपायुक्त इंद्रजीत कुमार, नगर परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि नियामतुल्लाह फरीदी, बीडीओ साधुशरण पांडेय, सीओ राहुल कुमार, नगर थानाध्यक्ष मनोज सिंह, रेडक्रॉस के प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश जायसवाल, सचिव डॉ. श्रवण कुमार तिवारी, रोटरी अध्यक्ष निर्मल कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।वहीं, शुक्रवार को दिन में कृष्णलीला के तहत रुक्मिणी विवाह प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह की कथा के माध्यम से सच्ची श्रद्धा, अटूट विश्वास और निष्कपट प्रेम का संदेश दिया।