मुलायम हत्याकांड में पांच नामजद, अपनों पर ही हत्या की साजिश का आरोप

सम्हार-महरौरा मार्ग पर दिनदहाड़े हुई मुलायम सिंह यादव की हत्या का मामला अब रिश्तों के उलझे ताने-बाने और जमीन विवाद के बीच फंसता नजर आ रहा है। हत्याकांड में मृतक के पिता उदय नारायण सिंह उर्फ वकील यादव के बयान पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

मुलायम हत्याकांड में पांच नामजद, अपनों पर ही हत्या की साजिश का आरोप

__ पौने दो बीघा जमीन का विवाद बना हत्या की वजह? मृतक के फुफेरे भाइयों समेत कुनबे के लोगों पर एफआईआर, अवैध संबंधों के एंगल से भी जांच की चर्चा

केटी न्यूज/डुमरांव।

सम्हार-महरौरा मार्ग पर दिनदहाड़े हुई मुलायम सिंह यादव की हत्या का मामला अब रिश्तों के उलझे ताने-बाने और जमीन विवाद के बीच फंसता नजर आ रहा है। हत्याकांड में मृतक के पिता उदय नारायण सिंह उर्फ वकील यादव के बयान पर पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। नामजद आरोपितों में मृतक के फुफेरे भाइयों के साथ उसके ही कुनबे के लोग शामिल हैं। ऐसे में पुलिस के सामने हत्या की गुत्थी सुलझाने के साथ यह पता लगाने की चुनौती है कि वारदात के पीछे जमीन की रंजिश है या कोई दूसरा कारण भी इस खूनी खेल से जुड़ा है।

नामजद आरोपितों में सम्हार गांव निवासी धर्मेंद्र यादव के पुत्र सोनम कुमार और राजेंद्र सिंह के पुत्र पिंटू यादव शामिल हैं। वहीं, भरखर गांव निवासी रमाकांत यादव के पुत्र पंकज यादव और स्वर्गीय रामप्रवेश यादव के पुत्र सुभाष यादव तथा नया भोजपुर थाना क्षेत्र के नवा डेरा गांव निवासी श्याम लाल यादव के पुत्र अमरेंद्र यादव को भी प्राथमिकी में आरोपित बनाया गया है। इनमें भरखर निवासी पंकज और सुभाष मृतक के फुफेरे भाई बताए जा रहे हैं, जबकि सम्हार के दोनों आरोपित भी उसके कुनबे से जुड़े हैं। हालांकि, प्राथमिकी में नाम आने मात्र से किसी की संलिप्तता साबित नहीं होती। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

__ पौने दो बीघा जमीन को लेकर पुराना विवाद

पुलिस को दिए आवेदन में वकील यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक संपत्ति की पौने दो बीघा जमीन उनकी बहन ने नवा डेरा निवासी श्याम लाल यादव को बेच दी थी। इसी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पिता का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से नामजद आरोपित उनके पुत्र मुलायम का पीछा कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा है कि इस विवाद की जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले से थी। आवेदन में वकील यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर भी कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।गौरतलब है कि मुलायम की हत्या के बाद उसके पिता ने जमीन विवाद को ही वारदात की मुख्य वजह बताया था। अब पांच लोगों के नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस को यह पता लगाना होगा कि कथित जमीन विवाद में किन लोगों की क्या भूमिका थी और हत्या से पहले मुलायम की गतिविधियों पर नजर रखे जाने के आरोप में कितनी सच्चाई है।

__ अवैध संबंधों के एंगल की भी चर्चा

इस हत्याकांड में जमीन विवाद के अलावा अवैध संबंधों से जुड़े पहलू की भी चर्चा हो रही है। सूत्रों के हवाले से इस संभावना की पड़ताल किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई ठोस तथ्य सार्वजनिक नहीं हुआ है। ऐसे में इसे हत्या की वजह मान लेना जल्दबाजी होगी। पुलिस के सामने अब यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि वारदात के पीछे जमीन की रंजिश थी, कोई निजी विवाद था या दोनों के बीच कोई संबंध है।

__ वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुलेगा राज

दिनदहाड़े हुई हत्या के बाद पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कई बिंदुओं पर वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही हत्याकांड में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल, पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी हत्या की असली वजह और वारदात की पूरी साजिश स्पष्ट नहीं हुई है। अब निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं। क्या मुलायम की हत्या की कड़ी जमीन विवाद से जुड़कर अपनों तक पहुंचेगी, या जांच में कोई ऐसा पहलू सामने आएगा जो पूरे मामले की दिशा बदल देगा? इसका जवाब पुलिस की आगे की तफ्तीश और साक्ष्यों से ही मिल सकेगा।इस संबंध में डुमरांव के प्रभारी एसडीपीओ समीर कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान चल रहा है, जल्दी ही घटना में शामिल अपराधी पकड़ लिए जाएंगे।