आस्था से विकास तक: ब्रह्मपुर में बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ के दरबार पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर स्थित प्राचीन और आस्था के केंद्र बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में शनिवार का दिन खास बन गया, जब बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार यहां श्रद्धा के साथ पहुंचे। धार्मिक आस्था और प्रशासनिक सक्रियता का अनोखा संगम उस वक्त देखने को मिला, जब उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य और देश की खुशहाली की कामना की।

आस्था से विकास तक: ब्रह्मपुर में बाबा ब्रह्मेश्वरनाथ के दरबार पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष

__ पूजा-अर्चना के साथ क्षेत्रीय विकास पर चर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी दिखाई सक्रिय भागीदारी

केटी न्यूज/ब्रह्मपुर:

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर स्थित प्राचीन और आस्था के केंद्र बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर में शनिवार का दिन खास बन गया, जब बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार यहां श्रद्धा के साथ पहुंचे। धार्मिक आस्था और प्रशासनिक सक्रियता का अनोखा संगम उस वक्त देखने को मिला, जब उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य और देश की खुशहाली की कामना की।मंदिर परिसर में उनके आगमन को लेकर सुबह से ही हलचल तेज थी। जैसे ही डॉ. प्रेम कुमार ने मंदिर में प्रवेश किया, वहां मौजूद श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल बन गया।

उन्होंने पूरे विधि-विधान से भगवान बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का अभिषेक और पूजन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की कामना की।पूजा के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में मौजूद लोगों से संवाद करते हुए कहा कि बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ का यह धाम न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान उसकी समृद्ध धार्मिक विरासत से है और सरकार ऐसे स्थलों के संरक्षण और विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

डॉ. प्रेम कुमार का यह दौरा केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से बातचीत कर क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। लोगों ने सड़क, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं उनके सामने रखीं, जिस पर उन्होंने गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिया।इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डुमरांव पहुंचे, जहां उन्होंने विधायक राहुल सिंह के साथ एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को जीवंत बना दिया। डॉ. प्रेम कुमार ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और परंपराओं को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

इस पूरे दौरे के दौरान प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह सक्रिय नजर आया। अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। वहीं, मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।धार्मिक आस्था, जनसंवाद और सांस्कृतिक जुड़ाव—तीनों पहलुओं को समेटे यह दौरा एक संदेश छोड़ गया कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल नीति-निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के हर पहलू से जुड़ना भी उतना ही जरूरी है।