पंचायतों के विकास को मिलेगी रफ्तार, चुरामनपुर पहुंचीं डीडीसी निहारिका छवि
पंचायतों को ग्रामीण विकास की धुरी बनाकर गांवों की तस्वीर बदलने और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डीडीसी निहारिका छवि ने चुरामनपुर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया।

__ पंचायत विकास दिवस पर ग्रामीण सुविधाओं को मजबूत करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर, पारदर्शिता व जनभागीदारी को बताया विकास की कुंजी
केटी न्यूज/बक्सर।
पंचायतों को ग्रामीण विकास की धुरी बनाकर गांवों की तस्वीर बदलने और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के संकल्प के साथ रविवार को पंचायत विकास दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डीडीसी निहारिका छवि ने चुरामनपुर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को प्रभावी बनाने, ग्रामीणों की जरूरतों के अनुरूप योजनाओं के चयन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया गया।पंचायत विकास दिवस के मौके पर ग्रामीण विकास में पंचायतों की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

पंचायतों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण स्थानीय इकाई बताते हुए कहा गया कि गांवों की वास्तविक जरूरतों को समझकर विकास योजनाओं को जमीन पर उतारना जरूरी है। सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता सहित बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए योजनाओं के चयन से लेकर उनके क्रियान्वयन तक स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

__ योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
कार्यक्रम के दौरान पंचायत स्तर पर संचालित विकासात्मक गतिविधियों को जनहित के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र लाभुकों तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी को अहम बताया गया। विकास योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।पंचायत विकास दिवस को विकास कार्यों की समीक्षा, स्थानीय समस्याओं की पहचान और उनके समाधान की दिशा में सामूहिक पहल का अवसर भी माना गया। इस दौरान स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं के चयन तथा विकास की प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

__ जनभागीदारी से मजबूत होगा ग्रामीण विकास
ग्रामीण क्षेत्रों में सतत और समावेशी विकास के लिए जनप्रतिनिधियों, संबंधित पदाधिकारियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय को जरूरी बताया गया। पंचायतों के सशक्तीकरण के साथ स्वच्छता, सामाजिक कल्याण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को ग्रामीण विकास की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सक्रिय, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाते हुए विकास योजनाओं को धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में प्रयासों को मजबूती देना रहा। पंचायत विकास दिवस के माध्यम से गांवों के समग्र विकास और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के संकल्प को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया।


