एसडीएम राजीव कुमार की पहल लाई रंग, दो बेटों से बेघर दिव्यांग विधवा को मिला अपना घर

कभी जिस घर में एक मां ने अपने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी घर से बुढ़ापे में बेदखल कर दी गईं दोनों आंखों से दिव्यांग विधवा रामदुलारी देवी को आखिरकार न्याय मिल गया। डुमरांव के अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) राजीव कुमार के प्रयास से सिमरी प्रखंड के दूधी पट्टी निवासी रामदुलारी देवी को उनके घर में दोबारा दखल-कब्जा दिलाया गया।

एसडीएम राजीव कुमार की पहल लाई रंग, दो बेटों से बेघर दिव्यांग विधवा को मिला अपना घर

__ पति की मौत के बाद पेंशन पर भी बेटे ने लिया था लोन, प्रशासनिक हस्तक्षेप से सिमरी की रामदुलारी देवी को मिला दखल-कब्जा; एसडीएम की संवेदनशील पहल की हो रही सराहना

केटी न्यूज/डुमरांव।

कभी जिस घर में एक मां ने अपने बच्चों को पाल-पोसकर बड़ा किया, उसी घर से बुढ़ापे में बेदखल कर दी गईं दोनों आंखों से दिव्यांग विधवा रामदुलारी देवी को आखिरकार न्याय मिल गया। डुमरांव के अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) राजीव कुमार के प्रयास से सिमरी प्रखंड के दूधी पट्टी निवासी रामदुलारी देवी को उनके घर में दोबारा दखल-कब्जा दिलाया गया। जिला प्रशासन की इस पहल ने न केवल बेसहारा महिला को उसके आशियाने तक पहुंचाया, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता भी सामने रखी है। इस कार्रवाई की सिमरी क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

__दो बेटों ने घर से निकाला, पेंशन पर भी बढ़ा दिया आर्थिक बोझ

मिली जानकारी के अनुसार, रामदुलारी देवी के पति सरकारी सेवा में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद महिला को पेंशन मिलने लगी थी, जो बुढ़ापे में उनके जीवनयापन का प्रमुख सहारा था। लेकिन पति की मृत्यु के बाद जिस उम्र में उन्हें अपने बच्चों के सहारे और देखभाल की जरूरत थी, उसी समय उनके दोनों बेटों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि एक बेटे ने उनकी पेंशन वाले खाते से ऋण भी ले लिया, जिसकी ईएमआई पेंशन की राशि से चुकाई जा रही थी। इससे पहले से ही कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रही दिव्यांग विधवा की परेशानी और बढ़ गई।

__ एसडीएम राजीव कुमार की पहल से मिला न्याय

अपने अधिकार और आशियाने के लिए संघर्ष कर रही रामदुलारी देवी के मामले में अनुमंडल दंडाधिकारी राजीव कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की। उनके आदेश के अनुपालन में माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007 की धारा-4 और बिहार माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली, 2012 के नियम-5 के तहत रामदुलारी देवी को उनके घर में दखल-कब्जा दिलाया गया। इस दौरान सिमरी सीओ भगवती शंकर पांडेय, सिमरी थाने की एसआई प्रियंका कुमारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ताला तोड़ दिव्यांग विधवा महिला को उनके घर में कब्जा दिलाया।

__ ‘वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता’

एसडीएम राजीव कुमार के प्रयास से घर में दोबारा प्रवेश मिलने के बाद रामदुलारी देवी ने जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी इस राहत ने यह संदेश दिया है कि कानूनी अधिकारों से वंचित बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की मदद के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में न्याय पाने का रास्ता मौजूद है।स्थानीय लोगों का कहना है कि एक दिव्यांग, विधवा और बुजुर्ग महिला को उसके घर का अधिकार दिलाना सराहनीय पहल है। सिमरी क्षेत्र में एसडीएम राजीव कुमार के इस प्रयास की प्रशंसा हो रही है। लोगों को उम्मीद है कि ऐसी कार्रवाई से उन परिवारों को भी संदेश मिलेगा, जहां बुजुर्ग माता-पिता को उपेक्षा और बेदखली का सामना करना पड़ता है।