गंगा में गिर रहा बक्सर का गंदा पानी, विधानसभा में उठा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का मुद्दा
बक्सर नगर क्षेत्र के विभिन्न नालों से निकलने वाला दूषित जल बिना किसी शोधन के सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे गंगा की स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, साथ ही पर्यावरण संतुलन और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। नगर के कई इलाकों से निकलने वाले नाले सीधे नदी में गिर रहे हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है।
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर नगर क्षेत्र के विभिन्न नालों से निकलने वाला दूषित जल बिना किसी शोधन के सीधे गंगा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे गंगा की स्वच्छता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, साथ ही पर्यावरण संतुलन और आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा उत्पन्न हो गया है। नगर के कई इलाकों से निकलने वाले नाले सीधे नदी में गिर रहे हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है।इस गंभीर स्थिति को लेकर मामला विधानसभा में उठाया गया। सदर विधायक आनंद मिश्रा ने सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बक्सर नगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने की मांग की।

उनका कहना था कि जब तक नगर के गंदे पानी का समुचित शोधन नहीं होगा, तब तक गंगा को प्रदूषण से मुक्त करना संभव नहीं है।विधानसभा में यह भी कहा गया कि बक्सर आस्था और ऐतिहासिक महत्व का शहर है, जहां बड़ी संख्या में लोग धार्मिक अनुष्ठान और स्नान के लिए गंगा तट पर पहुंचते हैं। ऐसे में बिना ट्रीटमेंट के गंदे पानी का प्रवाह न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती है।सरकार से मांग की गई है कि बक्सर में शीघ्र एसटीपी की स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि नगर का दूषित जल शोधन के बाद ही गंगा में प्रवाहित हो और स्वच्छ गंगा के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

