राजस्थान माइंस हादसा: छठे दिन गहरे पानी में उतरे गोताखोर, जारी किया वीडियो
राजस्थान के अरवल जिले स्थित उड़े़ला माइंस क्षेत्र में पहाड़ तोड़ने के दौरान हुए भीषण हादसे में लापता डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी रामानंद तिवारी की तलाश छठे दिन भी जारी रही। राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाते हुए गोताखोरों की टीम को सैकड़ों फीट गहरे पानी में उतारा गया। गोताखोरों द्वारा पानी के भीतर की स्थिति का एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि पहाड़ का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर खाई में समा गया है। भारी चट्टानों और मलबे के कारण तलाश अभियान अब भी बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
--जूता मिलने के बाद बढ़ी अनहोनी की आशंका, छह दिन बाद भी जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से आहत परिजन
केटी न्यूज/डुमरांव
राजस्थान के अरवल जिले स्थित उड़े़ला माइंस क्षेत्र में पहाड़ तोड़ने के दौरान हुए भीषण हादसे में लापता डुमरांव थाना क्षेत्र के रजडीहा गांव निवासी रामानंद तिवारी की तलाश छठे दिन भी जारी रही। राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाते हुए गोताखोरों की टीम को सैकड़ों फीट गहरे पानी में उतारा गया। गोताखोरों द्वारा पानी के भीतर की स्थिति का एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि पहाड़ का एक बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर खाई में समा गया है। भारी चट्टानों और मलबे के कारण तलाश अभियान अब भी बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

ज्ञात हो कि शुक्रवार की शाम माइंस में पहाड़ का बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया था। उस समय पोकलेन मशीन चला रहे रामानंद तिवारी मशीन सहित सैकड़ों फीट गहरी पानी भरी खाई में गिर गए थे। प्रशासन ने चौथे दिन मशीन को बाहर निकाल लिया था, लेकिन चालक का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पांचवें दिन खाई के किनारे से रामानंद का एक जूता बरामद हुआ था, जिसने परिजनों की चिंता और बढ़ा दी थी।छठे दिन गोताखोरों द्वारा जारी वीडियो ने हादसे की भयावहता को और स्पष्ट कर दिया है। पानी के भीतर बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे का ढेर दिखाई दे रहा है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि युवक तक पहुंचना आसान नहीं है।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि हर संभव प्रयास जारी है और खोज अभियान को रोका नहीं जाएगा।इधर, रजडीहा गांव स्थित रामानंद के घर में मातम का माहौल और गहरा हो गया है। पिता पारसनाथ तिवारी, माता सीता देवी तथा बहन शिल्पी का रो-रोकर बुरा हाल है। पांचवें दिन जूता मिलने के बाद से ही परिवार के मन में अनहोनी की आशंका घर करने लगी है। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं और कोई ठोस सूचना नहीं मिल रही, वैसे-वैसे परिवार के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। छठे दिन भी घर में चूल्हा नहीं जला। पूरे गांव में शोक और चिंता का वातावरण बना हुआ है।

परिवार को इस बात का भी गहरा दुख है कि घटना के छह दिन गुजर जाने के बावजूद कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अब तक उनकी सुध नहीं ली है। परिजनों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय पहल करें तो प्रशासनिक स्तर पर और दबाव बन सकता है तथा खोज अभियान को और गति मिल सकती है।गांव के लोग ईश्वर से रामानंद की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से उम्मीद की जा रही है कि वे संवेदनशीलता दिखाते हुए हर संभव कदम उठाएं, ताकि लापता युवक का जल्द से जल्द पता चल सके। छठे दिन भी उम्मीद और आशंका के बीच झूलता परिवार अपने बेटे की एक झलक पाने की आस लगाए बैठा है।

