रोशनी में नहाया डुमरांव, मां के जयकारों से गूंज उठीं गलियां
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाती सड़कें, पूजा-पंडालों से गूंजते मां दुर्गा के भक्ति गीत और जयकारों के बीच उमड़ता श्रद्धालुओं का हुजूम। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर शनिवार को डुमरांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक विधि-विधान के बीच मां दुर्गा का पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।

__ सप्तमी पर मां कालरात्रि के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, पूजा-पंडालों में देर रात तक लगी रही श्रद्धालुओं की कतारें; मेले में खिलौनों से लेकर चाट-गोलगप्पे तक की दुकानों पर रौनक
केटी न्यूज/डुमरांव।
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाती सड़कें, पूजा-पंडालों से गूंजते मां दुर्गा के भक्ति गीत और जयकारों के बीच उमड़ता श्रद्धालुओं का हुजूम। शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर शनिवार को डुमरांव का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चारण, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक विधि-विधान के बीच मां दुर्गा का पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मां कालरात्रि के दिव्य स्वरूप का दर्शन करने के लिए देर रात तक पूजा-पंडालों में लोगों का पहुंचना जारी रहा। शहर की गलियों से लेकर प्रमुख चौक-चौराहों तक दुर्गोत्सव की रौनक देखते ही बन रही थी।पट खुलने के साथ ही विभिन्न पूजा समितियों के पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही तेज हो गई। शाम ढलते ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे नए कपड़ों में सज-धजकर मां के दरबार में पहुंचे।

लोगों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूजा-पंडालों में आकर्षक सजावट और विद्युत प्रकाश की मनमोहक छटा लोगों को बरबस अपनी ओर खींच रही थी।शहर के शहीद गेट, चौक रोड, शहीद स्मारक, सोनारपट्टी, नया थाना, पश्चिम तिवारी टोला, राजगढ़ चौक, व्यापार मंडल और स्टेशन रोड सहित विभिन्न इलाकों के पूजा-पंडाल रंगीन रोशनी से जगमगा उठे। पंडालों की सजावट देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भक्ति गीतों और मां के जयकारों से वातावरण देर रात तक गुंजायमान रहा।

__मेले में बच्चों की पसंद, महिलाओं की खरीदारी और पकवानों का स्वाद
नवरात्र के साथ शहर में चार दिवसीय मेले की रौनक भी परवान चढ़ने लगी है। प्रमुख बाजारों और पूजा-पंडालों के आसपास खिलौने, मनिहारी, चाट, गोलगप्पे, गुड़ही जलेबी और आइसक्रीम की दुकानें सज गई हैं। बच्चों की नजरें जहां रंग-बिरंगे खिलौनों पर टिकी रहीं, वहीं महिलाएं मनिहारी की दुकानों पर खरीदारी करती दिखीं। चाट-गोलगप्पे और गर्मागर्म जलेबी की दुकानों पर भी लोगों की अच्छी-खासी भीड़ नजर आई। परिवार के साथ मेला घूमने पहुंचे लोगों में खासा उत्साह दिखा।श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की तैनाती की जा रही है, ताकि पूजा और मेले के दौरान आवागमन सुचारु बना रहे तथा लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो।

__ मां कालरात्रि की आराधना से दूर होती हैं बाधाएं: आचार्य
नवरात्र के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप देवी कालरात्रि की विधि-विधान से पूजा की गई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां कालरात्रि दुष्ट शक्तियों का विनाश करने वाली तथा अपने भक्तों को भय और बाधाओं से मुक्ति दिलाने वाली देवी हैं। मान्यता है कि उनकी आराधना से ग्रह-बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव दूर होता है।आचार्य पं. विंध्याचल ओझा ने बताया कि मां कालरात्रि अपने उपासकों की रक्षा करती हैं और उन्हें निर्भयता प्रदान करती हैं। उनकी पूजा में श्रद्धा और साधना का विशेष महत्व है। रविवार को नवरात्र की अष्टमी पर मां महागौरी की आराधना होगी। इसके साथ ही पूजा-पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने की उम्मीद है।

