राजस्व कर्मियों की हड़ताल से ठप पड़ा प्रमाण पत्रों का काम, 4,831 आवेदन लंबित
राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने राजपुर प्रखंड में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर भूमि सर्वेक्षण तक का काम प्रभावित होने से लोगों को जरूरी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि विभिन्न प्रमाण पत्रों के 4,831 आवेदन लंबित हो चुके हैं।

__ 19 पंचायतों में भूमि सर्वेक्षण भी प्रभावित, जरूरी दस्तावेजों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहे लोग
केटी न्यूज/राजपुर।
राजस्व कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल ने राजपुर प्रखंड में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर भूमि सर्वेक्षण तक का काम प्रभावित होने से लोगों को जरूरी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि विभिन्न प्रमाण पत्रों के 4,831 आवेदन लंबित हो चुके हैं। हड़ताल जारी रहने से लंबित आवेदनों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका है।इसका सबसे अधिक असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटा रहे लोगों पर पड़ रहा है। प्रमाण पत्र नहीं बनने से कई जरूरी कार्य अटक गए हैं।

दूर-दराज के गांवों से लोग उम्मीद लेकर प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन काम नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।प्रखंड की सभी 19 पंचायतों के राजस्व गांवों में चल रहा भूमि सर्वेक्षण का कार्य भी हड़ताल से प्रभावित है। इससे जमीन से जुड़े कार्यों के निष्पादन में बाधा उत्पन्न हो रही है। राजस्व संबंधी कामकाज ठप रहने से आम नागरिकों को रोजमर्रा की प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

मामले में आईटी सहायक दिलीप कुमार ने बताया कि विभिन्न प्रमाण पत्रों के कुल 4,831 आवेदन अब तक लंबित हो चुके हैं। हड़ताल के कारण आवेदनों का निष्पादन प्रभावित है।वहीं, युवाओं और आम लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कामकाज सुचारू रखने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। अब लोगों की निगाहें हड़ताल समाप्त होने और प्रमाण पत्रों सहित अन्य राजस्व कार्यों के दोबारा शुरू होने पर टिकी हैं।

