गंगा खतरे के निशान के मुहाने पर, तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का बढ़ा खतरा

बक्सर जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने अब बाढ़ की आशंका को गहरा कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर 60.02 मीटर पहुंच गया। यह चेतावनी स्तर 59.32 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर है और खतरे के निशान 60.32 मीटर से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है।

गंगा खतरे के निशान के मुहाने पर, तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का बढ़ा खतरा

__ 60.02 मीटर पहुंचा जलस्तर, खेतों में फैलने लगा बाढ़ का पानी; गंगा के साथ कर्मनाशा, धर्मावती व भैंसही भी उफान पर, दो दर्जन से अधिक गांवों पर मंडराया संकट

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर ने अब बाढ़ की आशंका को गहरा कर दिया है। केंद्रीय जल आयोग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर 60.02 मीटर पहुंच गया। यह चेतावनी स्तर 59.32 मीटर से 70 सेंटीमीटर ऊपर है और खतरे के निशान 60.32 मीटर से महज 30 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर लगातार बढ़ने का क्रम जारी है। बढ़ते पानी ने अब तटीय इलाकों के खेतों का रुख कर लिया है, जिससे कई जगहों पर फसलें पानी में डूबकर चौपट होने लगी हैं। गंगा के साथ उसकी सहायक नदियों कर्मनाशा, धर्मावती और भैंसही के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है। इससे जिले में बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका और प्रबल हो गई है।गंगा के उफान का असर सबसे पहले दियारा और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते पानी के कारण खेतों में जलजमाव बढ़ रहा है। किसानों की खड़ी फसलें पानी की चपेट में आने लगी हैं। ग्रामीणों में बाढ़ को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। लोगों को आशंका है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

__ संपर्क मार्ग डूबा, दियारा क्षेत्र का बलिया से संपर्क कटा

बढ़ते जलस्तर ने सिमरी प्रखंड में आवागमन की समस्या भी खड़ी कर दी है। गंगौली के पास कोईलवर तटबंध से शिवपुर बिहार में गंगा पर बने जनेश्वर मिश्र सेतु क्षेत्र को जोड़ने वाला संपर्क पथ पूरी तरह पानी में डूब गया है। पानी सड़क के ऊपर से बहने के कारण प्रशासन ने सोमवार से ही इस मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया है। इसके चलते दियारा क्षेत्र के लोगों का बलिया से सीधा संपर्क कट गया है। मार्ग बंद होने से रोजमर्रा के काम, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

__ चौसा से ब्रह्मपुर तक गांवों पर संकट

बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ ही चौसा और सदर प्रखंड के अलावा सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर प्रखंड के दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित होते दिख रहे हैं। निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। सबसे अधिक परेशानी रामपुर नैनीजोर पंचायत के ढाबी गांव में देखने को मिल रही है। यहां जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

__ तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों और जल संसाधन विभाग के अभियंताओं को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया है। संवेदनशील तटबंधों, स्परों और जमींदारी बांधों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। संभावित आपदा से निपटने के लिए राज्य आपदा मोचन बल और स्थानीय गोताखोरों को भी तैयार रखा गया है। जरूरत पड़ने पर सरकारी एवं निजी नावों के परिचालन की तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है।जिला स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय है और जलस्तर समेत तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से नदी, घाट, जलमग्न क्षेत्रों और तटबंधों के आसपास जाने से बचने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक सूचना के आधार पर ही कदम उठाएं।