एनएच-120 पर भारी वाहनों की रोक से मिलेगी तत्काल राहत, री-टेंडरिंग का भरोसा

डुमरांव की जर्जर एनएच-120 सड़क को लेकर पिछले छह दिनों से चल रहा स्वयं शक्ति का आंदोलन मंगलवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए मंगलवार को अनुमंडल प्रशासन के आला अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे।

एनएच-120 पर भारी वाहनों की रोक से मिलेगी तत्काल राहत, री-टेंडरिंग का भरोसा

__ स्वयं शक्ति के आंदोलन के छठे दिन प्रशासन ने की पहल, गड्ढों की भराई और सड़क को मोटरेबल बनाने की तैयारी; आश्वासन पर भरोसा, मांगें लागू होते ही भूख हड़ताल खत्म करने का संकेत

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव की जर्जर एनएच-120 सड़क को लेकर पिछले छह दिनों से चल रहा स्वयं शक्ति का आंदोलन मंगलवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया। दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों से वार्ता के लिए मंगलवार को अनुमंडल प्रशासन के आला अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे। घंटों चली बातचीत में सड़क की तत्काल मरम्मत, भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और निरस्त टेंडर की प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू करने समेत कई मुद्दों पर सहमति बनी। प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलनकारियों ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए संकेत दिया कि यदि आश्वासन धरातल पर लागू होते हैं तो 24 घंटे के भीतर भूख हड़ताल समाप्त की जा सकती है।

धरनास्थल पर एसडीएम राजीव कुमार, एएसपी पोलस्त कुमार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे और थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा समेत कई अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से उनकी मांगों और सड़क की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। स्वयं शक्ति के सदस्यों ने अधिकारियों के सामने सड़क की बदहाली, गड्ढों और भारी वाहनों के दबाव से उत्पन्न समस्याओं को प्रमुखता से रखा।

__ भारी वाहनों पर लग सकता है पूर्ण प्रतिबंध

वार्ता के दौरान तत्काल राहत के तौर पर एनएच-120 पर बालू लदे ट्रकों और भारी ट्रेलरों की आवाजाही पर रोक लगाने की बात सामने आई। प्रशासन का मानना है कि सड़क की जर्जर स्थिति का एक बड़ा कारण भारी वाहनों का लगातार दबाव है। गड्ढों की मरम्मत के बाद भी भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क फिर टूट जाती है। ऐसे में सिर्फ रात के समय वाहनों को रोकने के बजाय आवश्यकता के अनुसार इनके परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा रहा है।एसडीएम राजीव कुमार ने बताया कि भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से डायवर्ट करने की संभावनाओं की भी समीक्षा की जा रही है। साथ ही सड़क के अत्यधिक क्षतिग्रस्त हिस्सों में गड्ढों की भराई कर उसे तत्काल मोटरेबल बनाने की तैयारी है, ताकि लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।

__ एक-दो दिन में री-टेंडरिंग का दावा

एनएच-120 के स्थायी सुदृढ़ीकरण को लेकर भी प्रशासन ने आंदोलनकारियों को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। एसडीएम ने बताया कि एक से दो दिनों के भीतर दोबारा निविदा जारी किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी साहिला और संबंधित विभागीय अधिकारी पूरे मामले की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से एनएच-120 के सुदृढ़ीकरण के लिए 18.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। पहले 19.23 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे संशोधित कर अंतिम स्वीकृति मिली। इसके बाद निविदा प्रक्रिया में सामने आई तकनीकी खामी के कारण टेंडर रद्द करना पड़ा।

__ 10 दिन में टेंडर खोलने पर उठे थे सवाल

जानकारी के अनुसार, 12 अगस्त को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई टेंडर मूल्यांकन समिति की बैठक में निविदा प्रक्रिया की समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि एनएच डिवीजन गया की ओर से 20 जुलाई को निविदा आमंत्रित की गई थी, जबकि महज 10 दिनों बाद एक अगस्त को ही उसे खोल दिया गया। निर्धारित समयावधि का पालन नहीं किए जाने को गंभीर प्रक्रिया संबंधी त्रुटि मानते हुए समिति ने पूरी प्रक्रिया निरस्त कर पारदर्शी तरीके से दोबारा टेंडर कराने का निर्देश दिया।

__आंदोलनकारियों ने रखी शर्त

स्वयं शक्ति के प्रमुख धीरज मिश्रा, राजन तिवारी, डब्ल्यू मिश्रा और आलोक तिवारी समेत अन्य सदस्यों ने कहा कि प्रशासन की पहल सकारात्मक है। उनका कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार और प्रशासन पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि आम लोगों को जर्जर सड़क और दुर्घटनाओं से राहत दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रकों-ट्रेलरों पर प्रभावी रोक लगाने और सड़क के गड्ढों की भराई का काम शुरू होते ही भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।इधर, लगातार बारिश के बीच सड़क की खराब हालत और बढ़ते हादसों से परेशान स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि दिए गए आश्वासन के अनुसार तत्काल राहत का काम शुरू होता है और री-टेंडरिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो लंबे समय से परेशानी झेल रहे डुमरांव के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।