80 एमभीए के ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी से निपटने में जुटा विभाग

डुमरांव ग्रिड स्थित 80 एमभीए के पॉवर ट्रांसफार्मर में रविवार से ही तकनीकी खराबी आ गई है, जिस कारण इस पॉवर ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। जिस कारण रविवार को पूरे दिन व रात के अलावे सोमवार की शाम तक सिर्फ 50 एमभीए के दूसरे पॉवर ट्रांसफार्मर से अनुमंडल क्षेत्र में रोटेशन पर विद्युत आपूर्ति हो रही है।

80 एमभीए के ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी से निपटने में जुटा विभाग

-- सोमवार को ग्रिड में पहुंच अटलांटा कंपनी के इंजिनियरों ने लिया पॉवर ट्रांसफार्मर का जायजा, वैकल्पिक तौर पर महराजगंज ग्रिड से उधार में बिजली ले रहा विभाग, क्षेत्र में बिजली के लिए मचा है हाहाकार

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव ग्रिड स्थित 80 एमभीए के पॉवर ट्रांसफार्मर में रविवार से ही तकनीकी खराबी आ गई है, जिस कारण इस पॉवर ट्रांसफार्मर से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। जिस कारण रविवार को पूरे दिन व रात के अलावे सोमवार की शाम तक सिर्फ 50 एमभीए के दूसरे पॉवर ट्रांसफार्मर से अनुमंडल क्षेत्र में रोटेशन पर विद्युत आपूर्ति हो रही है। पॉवर ट्रांसफार्मर में आई तकनीकी खराबी का शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पर काफी गहरा असर पड़ा है। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली के अभाव में लोगों के दिन का चैन व रात की नींद उड़ गई है। लोगों को सबसे अधिक परेशानी रात में हुई। जहां हर कुछ घंटे पर आपूर्ति बाधित हो जा रही थी।

हालांकि, रविवार से ही बिजली विभाग की टीम इस तकनीकी खराबी को दूर करने में जुटी थी, इस दौरान ग्रिड के सहायक अभियंता कुमार अभिषेक के अलावे बक्सर के कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश समेत बिजली विभाग के इंजिनियरों की टीम मौजूद थी, बावजूद सफलता नहीं मिली। इसके बाद इसकी सूचना बीएसपीटीसीएल व पॉवर ट्रांसफार्मर की आपूर्ति करने वाली अटलांटा कंपनी को दी गई।सोमवार को बीएसपीटीसीएल के जीएम दीपक कुमार झा तथा अटलांटा कंपनी के इंजिनियरों की टीम ग्रिड में पहुंची। हालांकि, प्रारंभिक जांच में अटलांटा कंपनी के इंजिनियर भी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहंुचे है कि उक्त ट्रांसफार्मर में क्या तकनीकी खामी आई है। फिलहाल उसमें से कुछ तेल निकाल उसे जांच के लिए पटना भेजा गया है। 

-- वैकल्पिक व्यवस्था में रूका जांच का काम

इधर पॉवर ट्रांसफार्मर में आई खराबी से अनुमंडल क्षेत्र में बिजली के लिए मचे हाहाकार तथा लोगों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विभाग की टीम सोमवार को पूरे दिन वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी में जुटी रही। जिस कारण ट्रांसफार्मर में आई खराबी के टेस्टिंग का काम बीच में ही रोकना पड़ा। ग्रिड के सहायक विद्युत अभियंता कुमार अभिषेक ने बताया कि वैकल्पि तौर पर महराजगंज ग्रिड से 33 केवी बिजली उधार लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सोमवार की शाम से यह वैकल्पिक व्यवस्था चालू हो जाएगी, जिसके बाद उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिल जाएगी।

-- 8.50 करोड़ की लागत से स्थापित हुआ था 80 एमभीए का ट्रांसफार्मर

ग्रिड के सहायक विद्युत अभियंता ने बताया कि इस ट्रांसफार्मर को 8.50 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया गया था। इसकी आपूर्ति अटलांटा कंपनी ने दी थी तथा फिलहाल यह गारंटी पिरीयड में है। इसका उद्घाटन 6 सितंबर 2025 को तत्कालीन ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव के कार्यकाल में हुआ था और इसके बाद से ही यह क्षेत्र की बिजली आपूर्ति का मुख्य आधार बना हुआ था।

-- कई फिडरों को मिलती है आपूर्ति 

बता दें कि डुमरांव ग्रिड से डुमरांव शहर सहित सिमरी, चक्की, केसठ, नावानगर, प्रतापसागर, दलसागर, एकरासी, मुरार, कोरानसराय, चौगाईं और ढकाईच आदि फीडरों को आपूर्ति दी जाती है।पॉवर ट्रांसफार्मर में आई खराबी के बाद ग्रिड की क्षमता आधी रह गई है। जिससे क्षेत्र में बिजली संकट की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। 

-- लोगों की बढ़ी परेशानी

उमस भरी गर्मी व धान की खेती के इस मौसम में बिजली कटौती से लोगों की मुश्किले बढ़ गई है। एक तरफ लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे है तो दूसरी तरफ धान की खेती करने वाले किसान पटवन के लिए परेशान हो रहे है। बता दें कि बक्सर जिले में फिलहाल सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है, जिस कारण धान की फसल को बचाने के लिए किसानों को पटवन करनी पड़ रही है, लेकिन बिजली के अभाव में यह मुश्किल साबित हो रहा है। 

-- एक पखवाड़े तक बनी रह सकती है समस्या

ग्रिड के एसडीओ कुमार अभिषेक का कहना है कि फॉल्ट को ट्रेस करने में ही समय लग रहा है, जिसके बाद ही मरम्मत की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर को पूरी तरह से दुरुस्त करने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है। तब तक क्षेत्र में वैकल्पिक व्यवस्था से आपूर्ति सुचारू रखी जाएगी।