
__ उर्वरक की कालाबाजारी पर शिकंजा, 366 दुकानों पर छापेमारी में 15 पर कार्रवाई; नौ की अनुज्ञप्ति रद्द, तीन निलंबित
केटी न्यूज/बक्सर।
बक्सर के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अब पारंपरिक खेती के साथ अत्याधुनिक कृषि तकनीक, प्रशिक्षण और प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में हुई जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में कृषि एवं कृषि से जुड़े विभागों की समीक्षा के दौरान डीएम ने अधिकारियों को किसानों के हित में ठोस और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।बैठक में उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की भी गहन समीक्षा हुई। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले के किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिलना चाहिए। आपूर्ति में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या किसानों को परेशान किए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि जिले में फिलहाल यूरिया 13982.435 एमटी, डीएपी 1436.350 एमटी, एनपीके 5632.200 एमटी और एसएसपी 3124.725 एमटी उपलब्ध है।

__ उर्वरक दुकानों पर कार्रवाई से हड़कंप
उर्वरक की गुणवत्ता और बिक्री व्यवस्था की निगरानी के तहत जिले के 366 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। जांच में अनियमितता पाए जाने पर 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इनमें नौ की अनुज्ञप्ति रद्द कर दी गई, जबकि तीन प्रतिष्ठानों की अनुज्ञप्ति निलंबित की गई है। शेष तीन प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल के साथ जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

__ प्रशिक्षण और परिभ्रमण से बढ़ेगा किसानों का ज्ञान
आत्मा संस्थान की समीक्षा के दौरान परियोजना निदेशक ने बताया कि किसानों के प्रशिक्षण, परिभ्रमण और ज्ञानवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं में लक्ष्य उपलब्ध कराया गया है। डीएम ने उत्कृष्ट कृषि संस्थानों से समन्वय कर किसानों को प्रशिक्षण और परिभ्रमण कराने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण प्राप्त किसान अपने अनुभव दूसरे किसानों के साथ साझा करें, ताकि आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती की उत्पादकता और आमदनी दोनों बढ़ाई जा सके।

__ खेती से जुड़े उद्योगों को भी मिलेगा बढ़ावा
उद्यान विभाग की समीक्षा में डीएम ने टमाटर सॉस, प्यूरी, जैम-जेली जैसे प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए लाभार्थियों के चयन का निर्देश दिया। उद्योग विभाग से समन्वय कर चयनित किसानों को ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्रवाई करने को कहा गया। इससे कृषि उपज को बाजार मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद है।

__ लापरवाही पर अधिकारियों से स्पष्टीकरण
बैठक से अनुपस्थित रहने पर महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र और कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल से कारण पृच्छा का निर्देश दिया गया। चलंत पशु चिकित्सा वैन का साप्ताहिक प्रतिवेदन शून्य पाए जाने पर जिला पशुपालन पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं किसानों की विद्युत संबंधी शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं होने पर कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग से जवाब तलब किया गया।





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