चौसा में रोजगार अनियमितता व कृषि मुद्दों पर किसानों की बैठक, 9 अप्रैल को किसान संसद में भागीदारी का निर्णय
चौसा स्थित एसटीपीएल थर्मल पावर प्लांट में रोजगार को लेकर कथित अनियमितताओं तथा कृषि से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर रविवार को पंचायत भवन बनारपुर में प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और संगठन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।
केटी न्यूज/चौसा
चौसा स्थित एसटीपीएल थर्मल पावर प्लांट में रोजगार को लेकर कथित अनियमितताओं तथा कृषि से जुड़े विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर रविवार को पंचायत भवन बनारपुर में प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और संगठन से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।बैठक के दौरान प्लांट में स्थानीय लोगों को रोजगार देने में हो रही धांधली पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि योग्य स्थानीय युवाओं की अनदेखी कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे क्षेत्र में असंतोष बढ़ रहा है।

इसके अलावा भारत सरकार द्वारा बीज, बिजली और कीटनाशक बिल से संबंधित अमेरिका-भारत समझौते के प्रभावों पर भी गंभीर विमर्श किया गया। किसानों ने आशंका जताई कि इस तरह के समझौते से कृषि लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर छोटे और मध्यम किसानों पर पड़ेगा।बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय किसान यूनियन बिहार-झारखंड प्रदेश अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह तथा बिहार राज्य दुग्ध उत्पादक संघ के प्रदेश महासचिव अशोक प्रसाद सिंह मौजूद रहे। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से उठाने और संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।

इस दौरान मोर्चा के सदस्य बृजेश राय, नन्दलाल सिंह, अश्विनी कुमार चौबे, रामप्रवेश सिंह, शैलेश राय और शिवजी सिंह सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि आगामी 9 अप्रैल को आयोजित किसान संसद में मोर्चा की ओर से लगभग 75 किसान भाग लेंगे।बैठक में यह भी तय किया गया कि किसान संसद में रोजगार और प्रदूषण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही, आवश्यक होने पर प्लांट के कार्यों को पूर्ण रूप से बंद कराने के संबंध में आधिकारिक घोषणा भी की जा सकती है।

