नगर सेवा संघ की नई कार्यकारिणी में बक्सर का दबदबा, प्रेम स्वरूपम अध्यक्ष तो रानी कुमारी बनीं कोषाध्यक्ष

बिहार के नगर निकायों में कार्यरत कार्यपालक पदाधिकारियों के संगठन बिहार नगर सेवा संघ (बिहार अर्बन सर्विस एसोसिएशन) की नई कार्यकारिणी में बक्सर जिले को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। रविवार को दानापुर में निर्वाची पदाधिकारी राजेश झा की देखरेख में हुए चुनाव में बक्सर नगर परिषद के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी सह चौसा नगर पंचायत के प्रभारी ईओ रहे प्रेम स्वरूपम को संघ का अध्यक्ष चुना गया।

नगर सेवा संघ की नई कार्यकारिणी में बक्सर का दबदबा, प्रेम स्वरूपम अध्यक्ष तो रानी कुमारी बनीं कोषाध्यक्ष

केटी न्यूज/चौसा

बिहार के नगर निकायों में कार्यरत कार्यपालक पदाधिकारियों के संगठन बिहार नगर सेवा संघ (बिहार अर्बन सर्विस एसोसिएशन) की नई कार्यकारिणी में बक्सर जिले को महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। रविवार को दानापुर में निर्वाची पदाधिकारी राजेश झा की देखरेख में हुए चुनाव में बक्सर नगर परिषद के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी सह चौसा नगर पंचायत के प्रभारी ईओ रहे प्रेम स्वरूपम को संघ का अध्यक्ष चुना गया। वहीं चौसा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।संघ के चुनाव में कार्यपालक पदाधिकारियों ने ऑनलाइन मतदान के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव में करीब 65 पदाधिकारियों ने मतदान किया। परिणाम घोषित होने के बाद नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया पूरी हुई। अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के महत्वपूर्ण पदों पर बक्सर जिले से जुड़े पदाधिकारियों के चयन को स्थानीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई कार्यकारिणी में शाहिद खान को उपाध्यक्ष, अनुराग कुमार को महासचिव और अश्वनी कुमार को संयुक्त सचिव निर्वाचित किया गया है। चुनाव प्रक्रिया में सुशील कुमार, पंकज कुमार, अभिनव कुमार, संजीव कुमार, जगन्नाथ यादव समेत कई कार्यपालक पदाधिकारियों ने भाग लिया।नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को संघ से जुड़े अधिकारियों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि नई टीम नगर निकायों में कार्यरत कार्यपालक पदाधिकारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सरकार और विभाग के समक्ष रखेगी। साथ ही अधिकारियों की सुरक्षा, प्रशासनिक अधिकारों और सेवा हित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की दिशा में पहल करेगी। नई कार्यकारिणी के गठन से नगर निकायों में कार्यरत पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय की भी उम्मीद जताई जा रही है।