राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मई को, वादों के निपटारे का सुनहरा अवसर
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मई को किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में जिले के सभी थाना अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
__ पक्षकारों को सुलह के लिए प्रेरित करने का निर्देश, थाना अध्यक्षों के साथ हुई समीक्षा बैठक
केटी न्यूज/बक्सर:
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मई को किया जाएगा। इसको लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शुक्रवार को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी देवेश कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में जिले के सभी थाना अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर की अवर न्यायाधीश-सह-सचिव नेहा दयाल भी उपस्थित रहीं। इस दौरान राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे चिन्हित वादों के दोनों पक्षकारों को समय पर नोटिस की तामिला सुनिश्चित कराएं और उन्हें सुलह-समझौते के आधार पर अपने मामलों के निपटारे के लिए प्रेरित करें।मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि व्यवहार न्यायालय, बक्सर में लंबित मामलों की संख्या अधिक है। यदि पक्षकारों को समय रहते जागरूक किया जाए और उन्हें लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, तो न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने थाना अध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चिन्हित मामलों के पक्षकारों तक नोटिस समय पर पहुंचाएं और उन्हें लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में यह भी बताया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होने पर दोनों पक्षों को त्वरित राहत मिलती है और समय तथा धन की भी बचत होती है। इसके अलावा, लोक अदालत के निर्णय को अंतिम माना जाता है, जिससे आगे किसी प्रकार के विवाद की संभावना कम हो जाती है।अधिकारियों ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा लगातार नोटिस निर्गत किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक पक्षकार इस अवसर का लाभ उठा सकें। बैठक में उपस्थित सभी थाना अध्यक्षों ने निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर जिले के सभी थाना अध्यक्ष मौजूद रहे। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिकतम वादों का निपटारा सुलह के आधार पर कर न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

