डुमरांव स्टेशन के विकास को लेकर फूटा जनाक्रोश, रेलयात्री कल्याण समिति का विशाल धरना
डुमरांव रेलवे स्टेशन के चहुंमुखी विकास, महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रविवार को रेलयात्री कल्याण समिति, शाखा डुमरांव के बैनर तले स्टेशन परिसर में विशाल एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया।

__ ट्रेनों के ठहराव, ओवरब्रिज निर्माण और मूलभूत सुविधाओं की बहाली की मांग; सैकड़ों रेल यात्रियों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव रेलवे स्टेशन के चहुंमुखी विकास, महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर रविवार को रेलयात्री कल्याण समिति, शाखा डुमरांव के बैनर तले स्टेशन परिसर में विशाल एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आयोजित इस धरने में सैकड़ों रेल यात्रियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर रेलवे प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।धरना की अध्यक्षता मुन्ना यादव और हरे राम ठाकुर ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन इमरान खान ने किया। वक्ताओं ने कहा कि डुमरांव स्टेशन क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है, लेकिन यहां वर्षों से बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।

यात्रियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, बावजूद इसके रेलवे प्रशासन समस्या समाधान के प्रति गंभीर नहीं दिख रहा है।धरना को संबोधित करते हुए रेलयात्री कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि डुमरांव स्टेशन के विकास से जुड़े मुद्दों को कई बार रेलवे के समक्ष उठाया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।धरनार्थियों ने सात सूत्री मांगपत्र के माध्यम से रेलवे प्रशासन का ध्यान प्रमुख समस्याओं की ओर आकृष्ट कराया। इनमें डुमरांव स्टेशन के पश्चिमी गुमटी पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण कार्य में तेजी लाने, स्टेशन पर शेडयुक्त एवं चौड़ा फुट ओवरब्रिज बनाने, दोनों प्लेटफॉर्म की ऊंचाई मानक के अनुरूप बढ़ाने तथा पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, यात्री शेड, सफाई और कोच इंडिकेटर जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।

इसके अलावा स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जीआरपी एवं आरपीएफ की नियमित तैनाती, अवैध वेंडरों और टिकट दलालों पर सख्त कार्रवाई तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के उद्देश्य से किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को दो वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित नहीं रखने की मांग भी उठाई गई।धरना के दौरान कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने पटना-कोटा एक्सप्रेस के नियमित ठहराव, जनसाधारण एक्सप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल और अमृत भारत एक्सप्रेस के डुमरांव स्टेशन पर ठहराव की मांग की। साथ ही कैपिटल एक्सप्रेस का विस्तार बक्सर तक करते हुए डुमरांव में ठहराव देने तथा वाराणसी पैसेंजर ट्रेन को दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक चलाने की मांग रखी गई।

बलिया-डुमराांव-डेहरी रेल लाइन परियोजना को शीघ्र पूरा करने की भी मांग की गई।धरना में केंद्रीय कमेटी के सत्यप्रकाश सिंह, कामेन्द्र सिंह, ओ.पी. सिंह, रासबिहारी राय, बीजेन्द्र सिंह यादव, पूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष रामनाथ सिंह, अनुमंडल अध्यक्ष हरिशंकर सिंह, पूर्व मुखिया बद्रीविशाल सिंह समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हेमेंद्र मोहन, अभिषेक मेहता, डॉ. वंदना भगत, ओम ज्योति भगत, मोहन गुप्ता, जयंत गौरव, रवि कुमार, अनुज सिंह, मुन्ना चौबे, मनोज सिंह, वीरेंद्र ओझा, सुधांशु भगत, रामबाबू कुशवाहा, छोटे सिंह, उमेश प्रसाद, दशरथ विद्यार्थी, अब्दुल अलीम हाशमी, रविंद्र तिवारी, परशुराम प्रसाद और अखिलेश केसरी सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

