बक्सर की अदालत का एक युग समाप्त: नहीं रहे ‘झब्बु बाबू’, विधि जगत में शोक की लहर

बक्सर व्यवहार न्यायालय के विधि इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय शनिवार की रात समाप्त हो गया। जिले के सबसे वरिष्ठ और चर्चित आपराधिक मामलों के अधिवक्ताओं में शुमार विजय कुमार वर्मा उर्फ ‘झब्बु बाबू’ का नोएडा में उपचार के दौरान निधन हो गया।

बक्सर की अदालत का एक युग समाप्त: नहीं रहे ‘झब्बु बाबू’, विधि जगत में शोक की लहर

__ क्रिमिनल लॉ के धुरंधर माने जाते थे विजय कुमार वर्मा, अधिवक्ताओं ने कहा— निकट भविष्य में उनकी कमी पूरी होना संभव नहीं; सोमवार को न्यायालय में रहेगा ‘नो वर्क’

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर व्यवहार न्यायालय के विधि इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय शनिवार की रात समाप्त हो गया। जिले के सबसे वरिष्ठ और चर्चित आपराधिक मामलों के अधिवक्ताओं में शुमार विजय कुमार वर्मा उर्फ ‘झब्बु बाबू’ का नोएडा में उपचार के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही अधिवक्ता समुदाय, न्यायिक क्षेत्र और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।वर्षों तक बक्सर व्यवहार न्यायालय में अपनी कानूनी प्रतिभा, तार्किक क्षमता और प्रभावशाली पैरवी के लिए पहचान बनाने वाले झब्बु बाबू को जिले का सबसे तेज-तर्रार और प्रखर क्रिमिनल लॉयर माना जाता था। आपराधिक मामलों की गहरी समझ और न्यायालय में उनकी दमदार दलीलों के कारण उनका नाम पूरे शाहाबाद क्षेत्र में सम्मान के साथ लिया जाता था।

विधि जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने लंबे करियर में न केवल अनगिनत महत्वपूर्ण मामलों की पैरवी की, बल्कि युवा अधिवक्ताओं के लिए भी मार्गदर्शक की भूमिका निभाई।पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहे विजय कुमार वर्मा नोएडा में रहकर इलाज करा रहे थे। शनिवार की रात करीब आठ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं के बीच शोक का माहौल बन गया। कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इसे बक्सर के विधि जगत के लिए ऐसी क्षति बताया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखती।जिला अधिवक्ता संघ ने उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि झब्बु बाबू केवल एक सफल अधिवक्ता ही नहीं, बल्कि विधिक ज्ञान और पेशेवर मर्यादा के प्रतीक थे।

उनकी पहचान अदालत में मजबूत तैयारी, तथ्यों की गहरी पकड़ और प्रभावी प्रस्तुति के लिए थी। यही कारण था कि उन्हें जिले के विधि क्षेत्र का एक संस्थान माना जाता था।उनके सम्मान में जिला अधिवक्ता संघ ने सोमवार को न्यायालय में ‘नो वर्क’ रखने का निर्णय लिया है। संघ के महासचिव विंदेश्वरी प्रसाद पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय ने कहा कि बक्सर ने एक ऐसे विधिवेत्ता को खो दिया है, जिनकी पहचान और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।शोक व्यक्त करने वालों में संघ के अध्यक्ष बबन ओझा, नंद गोपाल वर्मा, रामेश्वर प्रसाद वर्मा, सुबेदार पांडेय, श्यामा श्री चन्द्र, रविन्द्र कुमार सिन्हा, जितेन्द्र चौबे, राघव पांडेय, राहुल आनंद, मनीष पाठक सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हैं। पूरे न्यायिक परिसर में उनके निधन को लेकर गहरी संवेदना और शोक का माहौल बना हुआ है।