लूट नहीं, लालच की पटकथा: पुलिस की जांच में फर्जी निकला चलती वैन से दवा की पेटियां लूट की घटना, चालक गिरफ्तार

नया भोजपुर थाना क्षेत्र में दवा लूट की सनसनीखेज बताई जा रही घटना आखिरकार झूठी निकली। पुलिस की सूक्ष्म जांच, तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल पर किए गए डमी परीक्षण ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। जांच में सामने आया कि कथित लूट की कहानी किसी अपराधी गिरोह की नहीं, बल्कि दवा ढोने वाले पिकअप वैन चालक की ही रची हुई पटकथा थी। पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी निशानदेही पर एक पेटी दवा भी बरामद कर ली गई है, जबकि बाकी दो पेटियों की तलाश जारी है।

लूट नहीं, लालच की पटकथा: पुलिस की जांच में फर्जी निकला चलती वैन से दवा की पेटियां लूट की घटना, चालक गिरफ्तार

दरअसल मामला 10 फरवरी की रात का है। बक्सर के सियाराम कॉलोनी बस स्टैंड निवासी दवा व्यवसायी आशुतोष कुमार मिश्रा ने नया भोजपुर थाने में आवेदन देकर बताया था कि उन्होंने आरा से 53 कार्टून दवाएं मंगवाई थीं। दवाओं को बक्सर लाने की जिम्मेदारी बक्सर के वार्ड संख्या 29 निवासी ऑटो चालक मनु कुमार गुप्ता को दी गई थी। चालक दवा लेकर लौट रहा था, तभी उसने रात करीब आठ बजे फोन कर बताया कि प्रतापसागर पेट्रोल पंप से लगभग 200 मीटर पश्चिम मिताली पेट्रोल पंप के पास बाइक सवार अपराधियों ने उसे रोक लिया और 53 पेटियों में से तीन पेटियां लूटकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही अगले दिन दवा व्यवसायी थाने पहुंचे और प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामला दवा लूट से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी। शुरुआती पूछताछ में ही ऑटो चालक के बयान में कई तरह के विरोधाभास सामने आने लगे। पहले उसने बताया कि बाइक पर दो अपराधी थे, जबकि बाद में उसने तीन लोगों के आने की बात कही। बयान में इस तरह के बदलाव ने पुलिस के संदेह को और गहरा कर दिया।

नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने खुद मामले की कमान संभाली और अगले ही दिन घटनास्थल पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से पड़ताल की। पुलिस ने घटनास्थल पर डमी सीन तैयार किया और चालक को दूसरे वाहन से उसी रास्ते पर ले जाकर घटना को दोहराने को कहा। इस दौरान उससे पूछा गया कि कथित लुटेरे किस दिशा से आए, बाइक कहां खड़ी थी और उसने किस तरह से उन्हें देखा। डमी जांच में चालक के जवाब उसके पहले दिए गए बयान से मेल नहीं खा रहे थे। इससे पुलिस को पूरा मामला संदिग्ध लगने लगा।

इसके बाद पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। चालक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की गई। इन तथ्यों ने भी चालक की कहानी को कमजोर कर दिया। पुलिस ने प्रतापसागर इलाके के कुछ संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला।

लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के दबाव में आखिरकार चालक की कहानी टूट गई। उसने स्वीकार किया कि लूट की पूरी कहानी उसने खुद ही गढ़ी थी। दरअसल वह दवा की तीन पेटियां गायब कर उन्हें खपाने की योजना बना चुका था। शक से बचने और जिम्मेदारी से निकलने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी रच दी थी।

पुलिस ने आरोपी चालक मनु कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर एक पेटी दवा बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि गायब हुई दवा मैगजोन प्लस 1.5 ग्राम है। बाजार में इन तीन पेटियों की थोक कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है, जबकि खुदरा बाजार में इनकी कीमत एक से डेढ़ लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और बाकी दो पेटियों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि उसने बाकी दवाएं कहां छिपाई हैं और किसे बेचने की योजना थी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक तरीके से की गई जांच, तकनीकी साक्ष्यों और सघन पूछताछ के कारण ही इस मामले की सच्चाई सामने आ सकी। इस खुलासे के साथ पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि झूठी कहानी गढ़कर कानून को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस बाकी दवाओं की बरामदगी और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।