ग्रामीण प्रतिभा का दम: चौसा ने राज्यस्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता में लहराया जीत का परचम
नगर पंचायत क्षेत्र स्थित प्रखंड कार्यालय परिसर सोमवार की सुबह खेल प्रेमियों के उत्साह से गुलजार रहा, जब महर्षि च्यवन वॉलीबॉल कमिटी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक फाइनल मुकाबला खेला गया। मेजबान चौसा की टीम ने उत्तर प्रदेश के भैरोपुर (गोरखपुर) को बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में 25-23 से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया।


--रोमांचक फाइनल में गोरखपुर की टीम को हराकर मेजबान बना चैंपियन, खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित
केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत क्षेत्र स्थित प्रखंड कार्यालय परिसर सोमवार की सुबह खेल प्रेमियों के उत्साह से गुलजार रहा, जब महर्षि च्यवन वॉलीबॉल कमिटी के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक फाइनल मुकाबला खेला गया। मेजबान चौसा की टीम ने उत्तर प्रदेश के भैरोपुर (गोरखपुर) को बेहद संघर्षपूर्ण मुकाबले में 25-23 से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया। अंतिम क्षण तक चले इस कांटे के मुकाबले ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।फाइनल मैच का उद्घाटन बक्सर सांसद सुधाकर सिंह एवं मुफस्सिल थानाध्यक्ष शम्भू भगत ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर अतिथियों ने उनका उत्साहवर्धन किया।

मुकाबले में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही दमदार खेल दिखाया। भैरोपुर की टीम ने जहां मजबूत रक्षा पंक्ति के जरिए चौसा पर दबाव बनाने की कोशिश की, वहीं चौसा के खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल, तेज स्मैश और आक्रामक रणनीति के दम पर बढ़त बनाए रखी। निर्णायक समय में चौसा की टीम ने संयमित खेल का प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने पक्ष में कर लिया। जीत के बाद मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों और नारों से खिलाड़ियों का अभिनंदन किया।इस अवसर पर सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें बेहतर मंच और उचित प्रोत्साहन देने की है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की सीख देती हैं।

प्रतियोगिता के समापन पर विजेता चौसा एवं उपविजेता भैरोपुर टीम को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। शानदार प्रदर्शन के लिए विनीत को “मैन ऑफ द मैच” तथा अवनीश कुमार को “मैन ऑफ द सीरीज” चुना गया। प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका जयनाथ सिंह ने निभाई, जबकि गोपाल और हरेराम सिंह ने उद्घोषक के रूप में पूरे आयोजन में जोश बनाए रखा। आयोजन को सफल बनाने में बुचा उपाध्याय, दुनिया पांडेय, सुरेश सिंह, श्याम बिहारी सिंह, विवेक चौबे, पप्पू, नीरज कुमार, श्रीभगवान उपाध्याय एवं विशाल कुमार सहित कई लोगों की सक्रिय भूमिका रही।

