खरीफ महाभियान में किसानों को दी गई उन्नत खेती की सीख
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) बक्सर की ओर से सोमवार को प्रखंड कृषि कार्यालय डुमरांव में प्रखंड स्तरीय खरीफ महाभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत खेती, बीज उपचार, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

__ बीज उपचार, फॉर्मर रजिस्ट्री और सूक्ष्म सिंचाई अपनाने पर जोर, कृषि योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी
केटी न्यूज/डुमरांव
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा) बक्सर की ओर से सोमवार को प्रखंड कृषि कार्यालय डुमरांव में प्रखंड स्तरीय खरीफ महाभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को उन्नत खेती, बीज उपचार, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।कार्यक्रम का उद्घाटन उप परियोजना निदेशक आत्मा बक्सर रणधीर कुमार, कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ हरिगोविंद जायसवाल, प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल कुमार, आत्मा अध्यक्ष संजय राय, किसान हरे राम पांडेय, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी विष्णु शंकर एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कल्याणी कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

मंच संचालन कृषि समन्वयक मृत्युंजय मिश्रा ने किया।कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ हरिगोविंद जायसवाल ने किसानों को दलहनी फसलों की खेती बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ती है तथा मिट्टी में वायुमंडलीय नत्रजन का संचयन होने से भूमि की उर्वरता में सुधार होता है। इससे अगली फसल में कम उर्वरक प्रयोग के बावजूद बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।प्रखंड कृषि पदाधिकारी विशाल कुमार ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए खेतों की घटती उर्वरा शक्ति को बचाने के लिए जैविक एवं हरी खाद के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया।

वहीं उप परियोजना निदेशक रणधीर कुमार ने बीज बुआई से पूर्व फफूंदनाशक, कीटनाशक तथा रायजोबियम कल्चर से बीज एवं मिट्टी उपचार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे बीज एवं मिट्टी जनित रोगों से फसलों की सुरक्षा होती है और रासायनिक दवाओं पर होने वाला खर्च भी कम होता है।प्रखंड उद्यान पदाधिकारी विष्णु शंकर ने किसानों को ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी दी तथा केला, पपीता, आम, अमरूद, शरीफा एवं ताड़ के बाग लगाने के लिए उपलब्ध सरकारी सहायता और तकनीकी मार्गदर्शन से अवगत कराया।

सहायक तकनीकी प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय ने किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद, बीज तथा कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को शीघ्र पंजीकरण कराना आवश्यक है। साथ ही बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कर योजनाओं की जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन करने तथा बिहार कृषि रेडियो के माध्यम से नवीनतम कृषि तकनीक की जानकारी प्राप्त करने की अपील की।कार्यक्रम में कृषि समन्वयक राजेश्वर प्रसाद, श्यामजी यादव, किसान सलाहकार जितेंद्र चौधरी, मनीष सिंह, अमरेश तिवारी, दिलीप कुमार शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे।

