खरीफ सीजन से पहले खाद संकट पर गरजे किसान, अधिकारियों ने योजनाओं की दी जानकारी

खरीफ खेती की तैयारियों के बीच किसानों के सामने उर्वरक की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान सभा कक्ष में आयोजित खरीफ महा अभियान सह प्रखंड स्तरीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा।

खरीफ सीजन से पहले खाद संकट पर गरजे किसान, अधिकारियों ने योजनाओं की दी जानकारी

__ प्रखंड स्तरीय कृषक प्रशिक्षण में उठी उर्वरक की कमी की समस्या, फार्मर रजिस्ट्री व जैविक खेती पर दिया गया जोर

केटी न्यूज/राजपुर

खरीफ खेती की तैयारियों के बीच किसानों के सामने उर्वरक की कमी एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है। शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान सभा कक्ष में आयोजित खरीफ महा अभियान सह प्रखंड स्तरीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी, वहीं किसानों और जनप्रतिनिधियों ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग उठाई।कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड कृषि पदाधिकारी ऋषिकेश यादव एवं मुखिया अनिल सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान बीएओ ऋषिकेश यादव ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि जिन किसानों के नाम पर कृषि भूमि है, उन्हें जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराना चाहिए।

उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्री को आवश्यक बताया।मुखिया अनिल सिंह ने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में धान की नर्सरी तैयार की जा रही है और जल्द ही रोपाई का कार्य शुरू होगा। ऐसे समय में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की।पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक कुमार ने बदलते मौसम में पशुओं में फैल रही बीमारियों के प्रति किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पशुओं की नियमित देखभाल और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल सूचना देना आवश्यक है।

उद्यान विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए बीएचओ मुन्ना सिंह ने बताया कि शरीफा और नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं। वहीं एटीएम योगेश कुमार मिश्रा एवं प्रिया सिंह ने संतुलित उर्वरक उपयोग पर बल देते हुए कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खाद का प्रयोग ही खेती को लाभकारी बना सकता है।कृषि समन्वयक धनंजय राय ने जैविक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में किसानों को जैविक खेती की ओर बढ़ना चाहिए।कार्यक्रम में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुधांशु कुमार, किसान सलाहकार ऋषि मुनि सिंह, एटीएम अभिषेक राय, दिलीप सिंह, उमेश यादव, कृष्णकांत चौहान, रामनारायण सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।