रेल प्रशासन की तत्परता से ट्रेन में गूंजी किलकारी, प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला ने दिया सुरक्षित बच्चे को जन्म

रेलवे की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और समय पर मिली चिकित्सा सहायता ने महाअष्टमी के दिन एक परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया। अहमदाबाद से बरौनी जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला के लिए बक्सर स्टेशन पर रेल प्रशासन की त्वरित पहल वरदान साबित हुई।

रेल प्रशासन की तत्परता से ट्रेन में गूंजी किलकारी, प्रसव पीड़ा से कराह रही महिला ने दिया सुरक्षित बच्चे को जन्म

__ महाअष्टमी के दिन बक्सर स्टेशन पर रेलवे की त्वरित चिकित्सा व्यवस्था बनी संकटमोचक, आधे घंटे तक रुकी अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस; रेलकर्मियों की संवेदनशीलता की यात्रियों ने की सराहना

केटी न्यूज/बक्सर।

रेलवे की तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और समय पर मिली चिकित्सा सहायता ने महाअष्टमी के दिन एक परिवार की खुशियों को दोगुना कर दिया। अहमदाबाद से बरौनी जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान प्रसव पीड़ा से परेशान एक महिला के लिए बक्सर स्टेशन पर रेल प्रशासन की त्वरित पहल वरदान साबित हुई। रेलवे की ओर से तत्काल चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने के बाद महिला ने ट्रेन की बोगी में ही सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के बाद यात्रियों ने रेल प्रशासन की सक्रियता और चिकित्सकीय टीम की तत्परता की जमकर सराहना की।

मिली जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 19483 अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस से सूरत की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाला मजदूर अपनी पत्नी के साथ गांव लौट रहा था। दंपती ट्रेन के एस-2 कोच में यात्रा कर रहा था। इसी बीच डीडीयू स्टेशन से ट्रेन खुलने के बाद महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चलती ट्रेन में महिला की हालत बिगड़ने से परिजन चिंतित हो उठे। ऐसे समय में तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी।

__ सूचना मिलते ही हरकत में आया रेल प्रशासन

महिला की स्थिति की जानकारी मिलते ही बक्सर स्टेशन प्रबंधक रजत सक्सेना ने बिना देर किए चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पहल की। ट्रेन के बक्सर स्टेशन पहुंचने से पहले ही आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की गई। करीब 11 बजे ट्रेन बक्सर स्टेशन पहुंची, जहां डॉ. हरिओम पाठक अपने सहयोगियों के साथ तत्काल संबंधित कोच में पहुंचे। चिकित्सकीय टीम ने स्थिति को संभालते हुए सुरक्षित प्रसव कराया। इस दौरान ट्रेन करीब आधे घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रही।

__ रेलवे की तत्परता बनी परिवार का सहारा

प्रसव के बाद चिकित्सक ने महिला और नवजात की बेहतर देखभाल तथा निगरानी के लिए बक्सर में उतरकर आगे का उपचार कराने की सलाह दी। हालांकि, दंपती ने अपने गांव जाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई और ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना कर दिया गया।महाअष्टमी के दिन ट्रेन में बच्चे की किलकारी गूंजने से यात्रियों के बीच भी खुशी का माहौल बन गया। यात्रियों ने कहा कि आपात स्थिति में रेल प्रशासन ने जिस तत्परता से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई, वह सराहनीय है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि संकट की घड़ी में समय पर मदद और संवेदनशील पहल किसी परिवार के लिए कितनी बड़ी राहत बन सकती है। रेलकर्मियों और चिकित्सकीय टीम के इस प्रयास की यात्रियों ने प्रशंसा करते हुए रेलवे की मानवीय भूमिका को सराहा।